Kotputli News
🔍 कोटपूतली-बहरोड़ एकीकृत खोज

न्यूज, नौकरियां, प्रॉपर्टी, सेवाएं व डील्स खोजें

परिणाम खोजे गए: "weed" • 9 कुल परिणाम
📰

समाचार

9
सफेद फूलों वाला खतरनाक खरपतवार सीकर में स्वास्थ्य और कृषि के लिए गंभीर संकट
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 04 Oct 2026

सफेद फूलों वाला खतरनाक खरपतवार सीकर में स्वास्थ्य और कृषि के लिए गंभीर संकट

सीकर में गाजर घास के तेजी से फैलाव ने मानव स्वास्थ्य और कृषि के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार, इसका एक पौधा 25 हजार तक बीज पैदा कर सकता है और फसलों के उत्पादन में 40% तक की कमी ला सकता है। इस खतरनाक संकट से निपटने के लि

⏱ 4 मिनट का समय पढ़ें →
शिक्षिका ने बाड़मेर में कचरा डंप को 1000 पौधों के साथ ऑक्सीजन पार्क में बदला
राजस्थान राज्य • 03 Oct 2026

शिक्षिका ने बाड़मेर में कचरा डंप को 1000 पौधों के साथ ऑक्सीजन पार्क में बदला

बाड़मेर के शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्र में एक समर्पित शिक्षिका सीमा मीणा ने कचरे से पटे स्थान को एक समृद्ध हरित अभयारण्य में बदल दिया है। राजकीय बालिका आदिवासी छात्रावास में संचालित इस अभियान के तहत उनके पति करतार सिंह और लगभग 50 छात्र-छात्राओं के सहयोग से 1

⏱ 5 मिनट का समय पढ़ें →
भरतपुर में बाजरा कटाई के बाद खेत प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ कृषि निर्देश जारी
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 03 Oct 2026

भरतपुर में बाजरा कटाई के बाद खेत प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ कृषि निर्देश जारी

भरतपुर में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से बाजरा कटाई के बाद बचे हुए डंठल और अवशेषों का उचित प्रबंधन करने का आह्वान किया है। परामर्श में मिट्टी के लाभकारी जीवों की रक्षा के लिए अवशेष जलाने से बचने और इन्हें पशु चारे के रूप में उपयोग करने की सलाह दी गई है। आ

⏱ 4 मिनट का समय पढ़ें →
नागौर में ईसबगोल की खेती करने वाले किसानों को विशेषज्ञ की सलाह, छोटी सी भूल से हो सकता है भारी नुकसान
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 01 Oct 2026

नागौर में ईसबगोल की खेती करने वाले किसानों को विशेषज्ञ की सलाह, छोटी सी भूल से हो सकता है भारी नुकसान

नागौर के कृषि विशेषज्ञों ने ईसबगोल की खेती करने वाले किसानों के लिए बुवाई के सही समय, मिट्टी के चयन, बीज की गुणवत्ता और सिंचाई प्रबंधन को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। कम पानी की आवश्यकता वाली यह विशेष फसल 110 से 130 दिनों में पककर तैयार होती है

⏱ 5 मिनट का समय पढ़ें →
भरतपुर में जल स्रोतों के लबालब होने से किसानों ने शुरू की सिंघाड़े की खेती
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 29 Sep 2026

भरतपुर में जल स्रोतों के लबालब होने से किसानों ने शुरू की सिंघाड़े की खेती

हालिया अच्छी बारिश के बाद भरतपुर में तालाब पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे किसानों ने सिंघाड़े की खेती की शुरुआत कर दी है। इस कृषि उपक्रम के लिए विशिष्ट पानी की गहराई और अनुकूल परिस्थितियों की आवश्यकता होती है, जिससे व्रत के दिनों में अच्छे मुनाफे की उम्मी

⏱ 4 मिनट का समय पढ़ें →
राजस्थान सरकार ने बीकानेर में प्लास्टिक मल्चिंग पर पचास प्रतिशत अनुदान की घोषणा की
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 27 Sep 2026

राजस्थान सरकार ने बीकानेर में प्लास्टिक मल्चिंग पर पचास प्रतिशत अनुदान की घोषणा की

राजस्थान सरकार कृषि में पानी की बचत और उद्यानिकी फसलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए बीकानेर में प्लास्टिक मल्चिंग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को मल्च शीट की लागत पर पचास प्रतिशत सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा बीस हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तय की गई है। इच्

⏱ 5 मिनट का समय पढ़ें →
कांग्रेस प्रत्याशियों को घेरने का बीजेपी का दांव क्या निकायों में उल्टा पड़ गया?
राजनीति एवं प्रशासन • 22 Sep 2026

कांग्रेस प्रत्याशियों को घेरने का बीजेपी का दांव क्या निकायों में उल्टा पड़ गया?

विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों में हालिया नामांकन प्रक्रिया के दौरान तीव्र राजनीतिक हंगामा और टकराव देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी ने कई कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराईं, जिससे राज्यभर में बहस छिड़ गई। यह विस्तृत विश्लेषण विभिन्

⏱ 5 मिनट का समय पढ़ें →
बाजरे की फसल को नमी और फफूंद से बचाने के लिए आवश्यक कटाई उपरांत प्रबंधन रणनीतियाँ
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 22 Sep 2026

बाजरे की फसल को नमी और फफूंद से बचाने के लिए आवश्यक कटाई उपरांत प्रबंधन रणनीतियाँ

राजस्थान में बाजरे की कटाई में जुटे किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों ने फसल सुरक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सटीक सुखाने, सफाई और भंडारण प्रोटोकॉल का पालन करके किसान अनाज की बर्बादी, नमी के नुकसान और फफूंद के संक्रमण को प्रभावी ढंग

⏱ 4 मिनट का समय पढ़ें →
आधुनिक मल्चिंग तकनीक से खेती की लागत घटेगी और पानी की होगी आधी बचत
कृषि एवं मंडी सेवाएं • 22 Sep 2026

आधुनिक मल्चिंग तकनीक से खेती की लागत घटेगी और पानी की होगी आधी बचत

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए मल्चिंग तकनीक को कम लागत में फसल उत्पादन बढ़ाने और सिंचाई खर्च घटाने का एक प्रभावी माध्यम बताया है। पुआल, सूखी पत्तियों या प्लास्टिक शीट से मिट्टी को ढकने से सिंचाई के पानी की 30 से 50 प्रतिशत तक बचत होती है और खरपतवार की

⏱ 3 मिनट का समय पढ़ें →
K
कोटपूतली न्यूज़ ऐप इंस्टॉल करें

फास्ट लोडिंग व मोबाइल ऐप अनुभव

🍪

हम बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव, विश्लेषण और प्रासंगिक विज्ञापनों (Google AdSense) के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। गोपनीयता नीति पढ़ें

✓ Success