नई दिल्ली में चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG के आसपास फिर से बड़ी घोटाला सामने आया है। इस बार जांच में सामने आया है कि राजस्थान के एक परिवार ने न केवल 2026 की लेक लीक की योजना में भाग लिया, बल्कि 2025 की परीक्षा का प्रश्नपत्र भी प्राप्त कर लिया था। समाचार स्रोतों के अनुसार, इस परिवार के सदस्य ने परीक्षा के कई साल पहले जारी होने वाले प्रश्नपत्रों को अतिक्रमण कर लिया, जिससे इस दुविधा में और जटिलता बढ़ी। जैसा कि विभिन्न समाचार एजेंसियों ने बताया, इस परिवार ने अपने बेटे के ग्रेस मार्क्स वाले 12वीं क्लास परिणाम को भी ट्यूशन की तरह लेहराते हुए, 2025 के प्रश्नपत्र को खरीदा और इस पेपर को परीक्षा बोर्ड को बेचा। यह घटना नीट-यूजी के भविष्य में कंप्यूटर-आधारित सिस्टम के परिचय को भी प्रभावित कर सकती है, क्योंकि अब सुरक्षा के मुद्दे को अनदेखा नहीं किया जा सकता। इस घोटाले के पीछे प्रमुख रूप से काली बाज़ार में चल रहे अप्रतिम नेटवर्क को उजागर किया गया है, जहाँ विभिन्न स्रोत्रों ने बताया कि यह परिवार न केवल पेपर की जानकारी हासिल करता था, बल्कि उसे बेचने की भी योजना बनाता था। इस मामले में कई हाई-रैंकिंग छात्रों के अभिभावकों ने भी इस घोटाले में भाग लेने का संदेह जताया है। जांच के दौरान पता चला कि इस परिवार ने 2026 की भी परीक्षा के लिए एक समान नेटवर्क तैयार किया था और अपने बेटे के 12वीं के अंक खराब होने की हालत में बैकअप प्लान के रूप में ऐसे पेपर को सुरक्षित रखा था। यह बात साफ़ है कि ऐसे घोटालों से मूलभूत परीक्षा प्रणाली पर गहरा असर पड़ेगा और इस प्रकार देश के भविष्य के डॉक्टरों की योग्यता पर सवाल उठेंगे। शिक्षा मंत्री ने इस मुद्दे पर नजर रखी हुई है और उन्होंने बताया कि अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर-आधारित होगी, जिससे कागज में छेड़छाड़ करने वाले नकली पेपर की समस्या को तकनीकी उन्नति द्वारा समाप्त किया जा सकेगा। साथ ही, इंटर्नेट मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी केंद्र सरकार से अपील की है कि परीक्षा की प्रक्रिया को विकेंद्रीकृत किया जाए और इस तरह के अंधाधुंध कदाचरण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँ। उनकी मांग है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के खिलाफ कड़ी सजा का प्रस्ताव रखा जाए और परीक्षा की सुरक्षा को और मजबूत किया जाए। जांच एजेंसियों ने कहा है कि उन्होंने इस परिवार के खिलाफ कई FIR दर्ज कर ली हैं और अब उन पर जेल की सजा के साथ-साथ भारी जुर्माना भी मिलने की संभावनाएं बनी हुई हैं। नेत्रहेतुक मामले की विस्तृत जांच के बाद, इसे न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत लाया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की घोटालों से बचाव हो। इस खबर ने राष्ट्रव्यापी स्तर पर शिक्षा के प्रति विश्वास को झंझोड़ दिया है और सभी को यह याद दिलाया है कि शिक्षा से जुड़े किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को सख्ती से रोकना चाहिए।