देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच‑देशीय यात्रा की पहली पड़ाव पर संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में बहुत ही गरिमापूर्ण स्वागत किया। प्रधानमंत्री के विमान के उतरते ही यूएई की वायुसेना के एफ‑16 युद्धक विमानों ने आसमान में एक सशक्त एस्कॉर्ट बनाकर उनका साथ दिया। इस दृश्य को टेलीविजन पर लाइव प्रसारित किया गया और दर्शकों को बड़ी खुशी मिली। प्रधानमंत्री का जेट बाहरी शर्तों के अनुरूप लैंडिंग के बाद तुरंत बाहर उतरा और दोनों देशों के प्रतिनिधियों के साथ एक संक्षिप्त अवधि में मुलाकात की, जिससे दोत्री मित्रता के सुदृढ़ बंधन का प्रतीक स्थापित हुआ। इस यात्राक्रम के दौरान मोदी ने ऊर्जा, व्यावसायिक और सुरक्षा क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यूएई के साथ तेल भंडारण से लेकर लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस की आपूर्ति तक के समझौते दोनों देशों की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगे। साथ ही, उद्योग, वस्त्र, सूचना प्रौद्योगिकी तथा पर्यटन के क्षेत्रों में भी नई पहलों का उद्घाटन हुआ, जिससे व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी। इन समझौतों के साथ ही दो देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को भी एक नई ऊँचाई मिली, जिससे दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के बीच आर्थिक तालमेल और मजबूत हुआ। प्रधानमंत्री ने अपने संक्षिप्त प्रवास के दौरान इस बात पर भी बल दिया कि भारत पश्चिम एशिया में शांति बनाए रखने के लिए सभी संभव समर्थन प्रदान करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अपने मित्र देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि की दिशा में कार्य करेगा। इस यात्रा का दूसरा चरण जल्द ही निकटतम देशों में जारी रहेगा, जिसमें प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक साझेदारियों को आगे बढ़ाना मुख्य उद्देश्य होगा। यूएई में इस गरिमापूर्ण स्वागत ने भारत की अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती महत्ता को पुनः स्पष्ट किया और भविष्य में और भी बड़े सहयोग की आशा जगाई।