📰 Kotputli News
Breaking News: कर्नाटक के विद्यालयों में सीमित धार्मिक प्रतीकों की नई छूट: छात्रवस्त्र नियमों में बड़ा बदलाव
🕒 1 hour ago

राज्य में शिक्षा क्षेत्र में हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा लाई गई है, जिसमें स्कूल और कॉलेजों में यूनिफॉर्म के साथ सीमित धार्मिक प्रतीकों को पहनने की अनुमति दी गई है। यह निर्णय कर्नाटक सरकार द्वारा 2022 में जारी किए गए हिजाब प्रतिबंध को वापस लेने के बाद आया है। नई नीति के तहत छात्रों को केवल कुछ विशेष धार्मिक प्रतीकों, जैसे हिजाब, पवित्र धागा और कुछ सीमित धार्मिक वस्त्रों को अपने यूनिफॉर्म के साथ पहनने की छूट दी जाएगी। यह कदम विभिन्न सामाजिक संगठनों और धार्मिक समूहों की मांगों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे विविधता का सम्मान करते हुए शैक्षणिक वातावरण को संतुलित रखने का प्रयास किया गया है। नियमों में परिवर्तन के प्रमुख बिंदु यह हैं कि छात्र अब अपने धार्मिक विश्वास के अनुसार हिजाब, पवित्र धागा या छोटे आकार के धार्मिक बैज को स्कूल के आधिकारिक पोशाक के साथ पहन सकते हैं, बशर्ते वह वस्तु स्पष्ट रूप से बड़ी या अभिमुख नहीं हो। यह नई छूट केवल प्री-स्कूल, प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू होगी, जबकि व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों में पहले से ही ऐसे नियम लागू हैं। साथ ही, इस नई नीति के तहत विद्यार्थियों को अपने धार्मिक प्रतीकों को साफ-सुथरा और स्कूल के अन्य छात्रों के साथ सामंजस्यपूर्ण रखने की शर्त भी रखी गई है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो। इस निर्णय की घोषणा के बाद कई पक्षों से विभिन्न प्रतिक्रियाएं मिलीं। धार्मिक संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि यह उनके विश्वासों के संरक्षण को दर्शाता है। वहीं, कुछ शैक्षणिक विशेषज्ञों ने कहा कि इस प्रकार की छूट से छात्रों के बीच समानता और एकजुटता को बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों को इस दिशा-निर्देश को स्पष्ट रूप से लागू करने के लिए उचित नियमावली तैयार करनी चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचा जा सके। अंत में, कर्नाटक सरकार का यह निर्णय भारतीय विविधताओं के सम्मान में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सीमित धार्मिक प्रतीकों को यूनिफॉर्म के साथ अनुमति देना न सिर्फ सांस्कृतिक सहनशीलता को बढ़ावा देता है, बल्कि छात्रों को अपने पहचान के साथ आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने का अवसर भी प्रदान करता है। यह बदलाव शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक समरसता और धार्मिक स्वतंत्रता को संतुलित रखने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 13 May 2026