पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने अपना पहला कैबिनेट मीट बृहस्पतिवार को आयोजित किया और इस ऐतिहासिक सत्र में छह प्रमुख विकास परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया। इस मीट में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य राज्य के आर्थिक विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाना और जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना है। मीट के दौरान सभी मंत्रियों ने मिलकर परियोजनाओं की सफलता के लिए आवश्यक कार्मिक, वित्तीय और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि नई सरकार का फोकस नीतियों को जमीन पर उतारने में है। पहली परियोजना के रूप में राज्य के उत्तर भाग में एक बहु-मूल्यवृद्धि औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना को मंजूरी दी गई, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक, रासायनिक और ऑटोमोबाइल उद्योगों को एक साथ लाया जाएगा। इस निवेश से हजारों रोजगार सृजित होने की उम्मीद है और साथ ही निर्यात क्षमता भी बढ़ेगी। दूसरी परियोजना में कोलकाता के बाएँ किनारे पर एक आधुनिक जल-परिसंचालन प्रणाली का निर्माण शामिल है, जो शहर की जल संकट को स्थायी रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। तीसरी योजना के तहत दक्षिणी जिलों में एक बड़े पैमाने पर सोलर ऊर्जा परियोजना शुरू की जाएगी, जिससे ग्रामीण इलाकों में निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। चौथी परियोजना में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों को बेहतर बुनियादी ढाँचा प्रदान करने के लिए एक विशेष पर्यटन विकास निधि स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय व्यवसायों को नई ऊर्जा मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पाँचवीं परियोजना के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में एकीकृत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जनसंख्या को नजदीकी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। छठी और अंतिम योजना में शैक्षिक बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने के लिए कई कॉलेज और तकनीकी संस्थानों का विस्तार किया जाएगा, जिससे युवा वर्ग को व्यावसायिक कौशलों से सुसज्जित किया जा सके। मुख्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा, "मैं सभी के लिए मुख्यमंत्री हूँ, और मैं विशेष रूप से उन साधारण लोगों की आवाज़ बनना चाहता हूँ जिन्होंने मेरा भरोसा किया।" इसका अर्थ यह है कि नई सरकार पारदर्शिता और जन-केंद्रित नीतियों के माध्यम से कार्य करेगी। इस मीट के बाद मुख्यमंत्री ने अपने गृह गाँव कंटाई का दौरा किया, जहाँ उन्होंने पारंपरिक भोजन का स्वाद लिया और अपने माता-पिता से मिलकर अपने आने वाले कार्यों का संकल्प व्यक्त किया। इस सभी घटनाओं ने यह स्पष्ट किया कि सुबोशी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में नई ऊर्जा और विकास की गति तेज़ होने वाली है।