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Breaking News: मॉनसून की कड़क बरसात ने मुंबई में बाढ़ और ट्रेन की देरी, लाखों लोगों पर असर
🕒 1 hour ago

मुंबई में इस शनिवार सुबह से शुरू हुई तीव्र मॉन्सून की बारिश ने शहर के निचले इलाकों को डुबो दिया है और जनजीवन को बेबस कर दिया है। मौसम विभाग की सतर्कता चेतावनी के बाद भी लगातार 200 मिलिमीटर से अधिक बारिश 24 घंटे में दर्ज की गई, जिससे कई प्रमुख सड़कों में जलजमता, कच्ची सड़कों पर फटते गड्ढे और जलधारा दर्रा-दर्रा हो गई। शहर के बहुत से बड़े-बड़े वार्षिक बाजार, बैंकों के एटकियन, और मध्यम वर्ग के आवासीय क्षेत्रों में पानी के पूलों में लोग फँसे, जबकि कुछ क्षेत्रों में बिजली और गैस की आपूर्ति भी बाधित हो गई। बारिश के कारण मुंबई के पुरानी जल निकासी प्रणाली पूरी तरह से बाधित हो गई। अंधेरी, नागर, वर्ली, गेटवे और ब्रीज रोड जैसी प्राथमिक जल निकासी नालियों में जलभराव ने इन क्षेत्रों की सड़कों को रफ़्तारहीन बना दिया। कई जगहों पर बड़े पेड़ गिर कर सडक़ों और गली के किनारे मौजूद वाहनों को ध्वस्त कर रहे हैं। एटीएम, सार्वजनिक बस स्टॉप और रिक्रिएशनल पार्क भी इस जलजमा में डूबे हुए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों ने अपने घरों की छत पर पानी जमा होते हुए देखा, जिससे घर के अंदर भी जलन की समस्या बढ़ गई। रेलवे विभाग को भी इस अचानक बाढ़ से बड़ा झटका लगा। भूवैज्ञानिक अपसरण और ट्रैक के पास मिट्टी का धँसना, वेस्टर्न रेल लाइन पर जलभराव के कारण कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। मुंबई सेंट्रल, वरहाड और दाद्रा के बीच का प्रमुख ट्रैक बहु-प्रवासी यात्रियों के लिये अचल बना, जिससे दैनिक आवागमन में बड़े पैमाने पर व्यवधान आया। एचआर सीएड वेस्टर्न एरिया के प्रमुख स्टेशन पर टिकट बेचैनी बढ़ी, जबकि यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक बस या टैक्सी सेवाओं की ओर रुख करना पड़ा। रेलवे ने आपातकालीन उपाय के तौर पर कुछ ट्रेनों को रूट बदलने और अतिरिक्त विशेष ट्रेनों को चलाने की घोषणा की, परन्तु भी कई रूटिड यात्रियों को देर से ही अपने गन्तव्य तक पहुंचा पाई। स्थिति के तात्कालिक समाधान के लिये स्थानीय प्रशासन ने कई अंडरपास और प्रमुख पुलों को बंद कर दिया, जैसे कि अन्धेरी अंडरपास, अहमदनगर में लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क पर निर्माण कार्य के बीच जल प्रवाह रोकना। कई स्वैच्छिक स्वयंसेवी समूह और स्थानीय NGOs ने प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी के लिए जकडें और बोरहोल खोदने का काम शुरू किया है। वहीं, पुलिस ने भी ट्रैफिक जाम को कम करने के लिये वैकल्पिक मार्गों को सड़कों पर खोल दिया है, परन्तु भीड़भाड़ और सड़कों पर जलभरी परिस्थितियों के कारण गति धीमी ही रहेगी। इन आपदाओं से बचाव के लिये आधी रात से ही मौसम विभाग ने अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है। नागरिकों को हल्के कपड़े पहनकर, जल-रोधी जूते पहनकर बाहर निकलने और फंसे हुए लोगों को मदद करने के लिये तुरंत आपातकालीन सेवाओं को कॉल करने की सलाह दी गई है। इसबीच, संगठनों ने जलजमा के क्षेत्रों में अस्थायी शरणस्थल स्थापित कर बेघर लोगों को भोजन और आवास प्रदान किया है। भारतीय बौद्धिक सेवा आयोग ने भी, इस बेमिसाल बाढ़ के कारण प्रभावित डाक्टरों और नर्सों के लिये वैकल्पिक कार्य समय का प्रस्ताव रखा है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में अवरोध नहीं हो। निष्कर्षतः, इस मौसम में तीव्र मॉन्सून ने मुंबई को एक गंभीर परीक्षण परिप्रेक्ष्य में डाल दिया है। जलजमा, बाढ़, और रेल सेवा में बाधा ने शहर के बुनियादी ढांचे की ओर लुके हुए खामियों को उजागर किया है। नागरिकों को सतर्क रहकर, सावधानीपूर्वक कदम उठाकर, और सरकारी एजेंसियों की निर्देशानुसार कार्य करके ही इस आपदा से बचाव संभव है। अधिकतम सावधानी और तेज़ प्रतिक्रिया इस कठिन समय में शहर की स्थिरता को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।

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✍️ By Pradeep Yadav | 24 Jun 2026