📰 Kotputli News
Breaking News: जैपुर विरोध में CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके पर कई बार थप्पड़ – वीडियो में दिखा हड़काम
🕒 1 hour ago

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके को कई बार थप्पड़ मारते देखा गया। यह हिंसक घटना वीडियो में साफ़ दिख रही है और देश भर में सामाजिक और राजनैतिक गहन बहस का कारण बनी है। घटना के समय डिपके ने अपने समर्थकों को संबोधित करने के लिए मंच पर कदम रखा था, परन्तु समर्थन करने वाले भीड़ के कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें अचानक घेरते हुए कई बार थप्पड़ मार दिया। इसमत से उत्पन्न हुए तनाव को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन तब तक कई थप्पड़ मारने वाले आगे बढ़ते रहे। घटना के कारण सामने कुल मिलाकर दो प्रमुख बिंदु उभर कर सामने आए हैं। पहला, CJP का प्रमुख नेतृत्व अभिजीत डिपके पर कई वर्षों से सरकार-पर्यटन नीतियों और सामाजिक मुद्दों को लेकर आलीशान विरोध करता आया है, जिससे कुछ विरोधी समूहों में उनका विरोध और बढ़ता जा रहा है। दूसरा, स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर कई सवाल उठे हैं, क्योंकि इस तरह के बड़े जुलूस में सुरक्षा को ले कर कई बार असावधानी देखी जा चुकी है। इस घटना के बाद कई नागरिक अधिकार संगठनों ने न्यायालय में सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की मांग की है और साथ ही पुलिस को इस तरह की हिंसा के लिए सख़्त डांट भी देने की मांग की है। प्रमुख राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने इस घटना को व्यापक रूप से कवरेज दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, ग़ुल्टे, सियासत डेली और अन्य कई प्रमुख प्लेटफॉर्म ने इस घटना के वीडियो क्लिप को प्रकाशित किया तथा अभिजीत डिपके की सुरक्षा को लेकर प्रश्न उठाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार की हिंसा न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालती है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रकट्य अधिकारों को भी बाधित करती है। कई विश्लेषकों का कहना है कि अगर इस तरह की हिंसा को दंडित नहीं किया गया तो भविष्य में और अधिक अराजकता देखी जा सकती है। अंत में, यह स्पष्ट है कि अभिजीत डिपके के इस हमले ने भारतीय राजनीति में एक नया मोड़ दिया है। यह घटना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर हिंसक कार्यों को उजागर करती है, बल्कि सामाजिक व्यवस्था, सुरक्षा प्रोटोकॉल और राजनीतिक संवाद के मुद्दों को भी सामने लाती है। जनसमुदाय की आवाज़ अब सुरक्षा को सुदृढ़ करने और राजनीतिक विरोधों को शांति से व्यक्त करने के लिए अधिक सख़्ती से बुला रही है। यदि इस मामले में त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई, तो इस प्रकार के नरमपन से भविष्य के राजनीतिक मंच पर समान घटनाएं फिर से दोहराई जा सकती हैं।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 15 Jun 2026