📰 Kotputli News
Breaking News: राहुल गांधी ने पुर्तगाली मार्जिन को तोड़ा: मोदी सरकार पर यूएस के 'न सहन' बयान का आरोप
🕒 19 hours ago

तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिका ने 'ऐसे कारनामों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा' का कड़क बयान दिया, जिससे भारत-यूएस संबंधों में नई लहर उठी है। इस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में प्रश्न उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया। राहुल ने कहा कि "उनके नियंत्रण में" अमेरिका ने इस विनाशकारी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों की आत्मा के साथ गहरी चोट लगी है। इस टिप्पणियों ने विदेश नीतियों की दिशा को पुनः सवालों के घेरे में डाल दिया है, जहाँ भारत को अपने सशक्त रक्षा सिद्धांतों को फिर से स्थापित करने की आवश्यकता दिख रही है। राहुल गांधी ने जब इस मुद्दे को उठाया, तो उन्होंने बताया कि यूएस ने अपनी पावर को भारतीय नौसेना पर थोपते हुए, बिना किसी उचित कारण के नौसैनिक बलों को लक्ष्य बनाकर मार दिया। इस कार्रवाई को उन्होंने "अनधिकारित" और "न्यायहीन" कहा, और कहा कि इससे भारत की स्वतंत्रता और गर्व को अत्यधिक चोट पहुँची है। उन्होंने सरकार को उजागर किया कि ऐसे कदमों से भारत की विदेश नीति को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ भारतीय जनता के विश्वास को भी ठेस लगती है। विशेषकर जब भारत ने यूएस को अपने व्यापार और सुरक्षा साझेदार के रूप में माना है, तब ऐसी घटनाएं दो देशों के बीच भरोसे को कमजोर कर देती हैं। इसी बीच भारतीय विदेश मामलों के विशेषज्ञों ने कहा कि तीन नाविकों की मरणीय घटना से पहले भारत-यूएस रक्षा सहयोग में कई समझौते हुए थे, लेकिन इस अचानक हुए हवाई हमले ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक तालमेल पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। कई अंतर्राष्ट्रीय कानून के विशेषज्ञों ने भी इस पर टिप्पणी की कि अगर इस हवाई हमला अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत अनुचित साबित होता है, तो यूएस को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। इस पर भारतीय सरकार ने कहा कि वह इस घटना की पूरी जाँच करवाएगी और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष रखेगी। निष्कर्ष स्वरूप, राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उजागर करना यह दर्शाता है कि भारत के भीतर सुरक्षा और विदेश नीति के गंभीर प्रश्न अब सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं। तीन नौसैनिकों की मौत ने एक बार फिर राष्ट्रीय एकजुटता को जगा दिया है और सरकार को अपने रक्षा एवं कूटनीतिक पहलों को और अधिक पारदर्शी एवं नागरिक हितैषी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। इस प्रकार, इस घटना का असर राष्ट्र की राजनीति, विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है, जहाँ भारत को अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को सुदृढ़ करने के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 14 Jun 2026