भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने द्विराष्ट्रीय दौरे के दूसरे चरण में स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा की यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और स्लोवाकिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाना था। प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ हुई बैठक में आर्थिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों देशों ने आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए विशेष कार्यसमूह की स्थापना का निर्णय लिया। वर्तमान में भारत तथा स्लोवाकिया का वार्षिक व्यापारिक आदान-प्रदान लगभग पाँच अरब डॉलर के आसपास है, जिसे अगले पाँच वर्षों में दो गुना करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस विस्तार में सूचना प्रौद्योगिकी, औद्योगिक उपकरण, फार्मास्यूटिकल्स और सतत विकास के प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया के एक प्रमुख विश्वविद्यालय में भारतीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) केंद्र की स्थापना की घोषणा भी की। यह केंद्र दोनों देशों के वैज्ञानिकों और छात्रों को मिलकर अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करेगा। इस पहल से भारत में AI के क्षेत्र में तेज़ी से विकास को समर्थन मिलेगा, साथ ही स्लोवाकिया को भी उच्च तकनीक के सहयोगियों के साथ अपने शोध को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का मंच मिलेगा। रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूती प्रदान करने की योजना बनी। दोनों पक्षों ने सुरक्षा और रक्षा तकनीकी में साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए संयुक्त अभ्यास, शस्त्र निर्माण एवं रखरखाव के मामलों में जानकारी साझा करने की बात की। विशेष रूप से सायरन जेट इंजन और एयरोस्पेस घटकों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न समझौते अंतिम रूप में लाए गए। समापन में प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की सांस्कृतिक विरासत और संगीत पर विशेष चर्चा की। उन्हें एक स्थानीय स्लोवाक बैंड द्वारा संस्कृत पाठ का प्रदर्शन देखकर गहरा प्रसन्नता हुई, जिससे दो देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को भी नई दिशा मिली। इस यात्रा का समापन एक उत्सवपूर्ण समारोह के साथ हुआ, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भविष्य के सहयोग की प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किए। निष्कर्षतः, प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने भारत और स्लोवाकिया के द्विपक्षीय संबंधों को आर्थिक, शैक्षिक, तकनीकी और रक्षा क्षेत्रों में व्यापक रूप से सुदृढ़ किया है, जिससे दोनों देशों के लोगों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।