नई निस, फ्रांस में दो दशकों के अंतरराष्ट्रीय सहयोग के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने बुधवार को ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का भव्य उद्घाटन किया। यह पहल भारत की नवाचार शक्ति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने और दोनों देशों के बीच तकनीकी, आर्थिक तथा वैज्ञानिक सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। कार्यक्रम में कई प्रमुख वैश्विक संगठनों, स्टार्ट‑अप्स और निवेशकों ने भाग लिया, जिससे भारत की नवाचार यात्रा को नई ऊँचाई मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन के अवसर पर प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बायोटेक्नोलॉजी, स्वच्छ ऊर्जा और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी बन रहा है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि भारत न केवल तकनीकी खोजों में अग्रणी हो, बल्कि इन नवाचारों को सामाजिक विकास और सतत आर्थिक प्रगति के साथ जोड़कर एक मॉडल देश बनें।" इस बात पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि फ्रांस के साथ सहयोग से भारत को अनुसंधान एवं विकास में नई संभावनाएँ मिलेंगी, जिससे दोनों राष्ट्रों के युवा वैज्ञानिक और उद्यमी एक साथ मिलकर विश्व स्तर पर समाधान तैयार कर सकेंगे। राष्ट्रपति मैक्रॉन ने भी भारत की तेज़ गति से बढ़ती नवाचार पारिस्थितिकी को सराहा और कहा, "फ़्रांस और भारत के बीच विज्ञान‑प्रौद्योगिकी सहयोग के लंबे इतिहास को देखते हुए, ‘भारत इनोवेट्स 2026’ एक नई दिशा प्रदान करता है। हम मिलकर न केवल यूरोप और एशिया के बीच पुल का निर्माण करेंगे, बल्कि वैश्विक समस्याओं, जैसे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सुरक्षा और डिजिटल समावेशन के अद्वितीय समाधान भी तैयार करेंगे।" उन्होंने दो देशों के संयुक्त अनुसंधान केंद्रों की स्थापना, छात्रों के विनिमय कार्यक्रम और संयुक्त वित्तीय समर्थन की योजना भी घोषित की। कार्यक्रम में कई भारतीय स्टार्ट‑अप्स ने अपने अभिनव प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, एआई‑आधारित स्वास्थ्य निदान, सटीक कृषि तकनीक और क्यूबीनेट‑एज कंप्यूटिंग शामिल थे। फ्रांसीसी निवेशकों ने इन प्रोजेक्ट्स में बड़ी रुचि दिखाई और कई संभावित वित्तीय सहयोग की घोषणा की। साथ ही, कार्यक्रम में स्थापित ‘फ्रांस‑भारत नवाचार मंच’ के माध्यम से दोनों देशों के उद्यमियों को नियमित रूप से विचारों का आदान‑प्रदान करने का अवसर मिलेगा। समापन में प्रधान मंत्री मोदी ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ केवल एक मंच नहीं, बल्कि भारत की नवाचार यात्रा में एक मील का पत्थर है। इस पहल के जरिए भारत की तकनीकी क्षमताएँ वैश्विक स्तर पर पहचान प्राप्त करेंगे और नई नौकरियों का सृजन होगा। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसे कई कार्यक्रमों के माध्यम से भारत‑फ़्रांस साझेदारी को और गहरा किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास में नई संभावनाएँ उत्पन्न होंगी। इस प्रकार, ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का उद्घाटन न केवल दो देशों के दोहरी संबंधों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि विश्व भर में नवाचार के नए मानदंड स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।