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Breaking News: मालवीयानगर की आग में मौत: नई नौकरी के सपने लाए थी TISS की छात्रा, मित्रों ने एआईआईएमएस मृतकों के घर में पाया शरीर
🕒 1 hour ago

दिल्ली के मालवीयानगर में पिछले रविवार घटित भयानक आग ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। इस त्रासदी में कई लोगों की जान गई, पर सबसे दिल को छूने वाली कहानी थी टाटा इन्स्टिट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज (TISS) की स्नातक छात्रा अंजली शर्मा की। वह नई नौकरी की तलाश में दिल्ली आई थी, लेकिन भाग्य ने उसकी आशा को ध्वस्त कर दिया। आग के बाद अंजली के मित्रों ने उसकी खोज में कई अस्पतालों में दौड़ा, और अंततः आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के मोर्ग में उसका शव पाया। यह खबर सामाजिक मंचों पर तेज़ी से फैली और लोगों के बीच गहरा शोक एवं सवाल उठाए। अंजली ने अपने करियर को सामाजिक बदलाव की दिशा में मोड़ने का फैसला किया था, इसलिए वह दिल्ली के एक गैर-सरकारी संगठन में नौकरी के लिए आई थी। उसने अपनी तैयारी पूरी कर ली थी, फिर भी अचानक आई इस भयानक घटना ने उसके सभी सपनों को ध्वस्त कर दिया। दोस्तों के अनुसार, वह आग के समय अपने मित्रों के साथ होटल में ठहरी हुई थी, जहाँ अचानक अलार्म बजते ही धुआँ भर गया। होटल के मालिक लवकेश बजाज की संपत्ति पर कई सवाल उठे, कई रिपोर्टों में कहा गया कि उन्होंने सुरक्षा उपायों की अनदेखी की थी, जिससे आग का प्रकोप बड़े पैमाने पर हुआ। आग में कई लोगों का नुकसान हुआ, जिनकी पहचान अभी भी पूरी तरह से नहीं हो पाई है। एआईआईएमएस मोर्ग में अंजली के शव की पहचान करने के बाद, उसके परिवार को गहरा सदमा पहुँचा। इस घटना ने दिल्ली के कई नागरिकों को न्याय और सुरक्षा के मुद्दे पर विचार करने पर मजबूर कर दिया। न्यायालय ने होटल के मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है और इस घटना की आगे की जांच का आदेश दिया है। साथ ही, यह भी खुलासा हुआ कि आग के समय होटल में पर्याप्त फायर अलार्म और आपातकालीन निकास नहीं थे, जिससे लोग फंसे रहे। इस त्रासदी के बाद सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मिलकर इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कई उपायों की मांग की है। विशेषज्ञों ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों में फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना आवश्यक है, और आपातकालीन निकासी योजनाओं को नियमित रूप से अद्यतन किया जाना चाहिए। अंजली की कहानी ने यह भी याद दिलाया कि नौकरियों की तलाश में शहरी भाग में आने वाले युवा अक्सर अनिश्चितता और जोखिम का सामना करते हैं, और उन्हें सुरक्षित रहने के लिए उचित उपायों की जरूरत है। अंत में कहा जा सकता है कि मालवीयानगर की इस शोकाकुल घटना ने हमें सुरक्षा, जिम्मेदारी और मानवता के मूल सिद्धांतों पर फिर से विचार करने के लिए प्रेरित किया है। अंजली शर्मा का सपना था समाज में सकारात्मक बदलाव लाना—जिसे अब अनंत शांति में विराम मिला। इस दुखद घटना से सीख लेकर, सभी संबंधित पक्षों को मिलकर सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू करना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

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✍️ By Pradeep Yadav | 04 Jun 2026