संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में एक ऐसी नीति लागू कर दी है, जिससे कई प्रवासी अपने ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया को जारी रखने के लिए देश से बाहर जाना पड़ेगा। इस असामान्य नियम को देखते हुए आप्रवासन विशेषज्ञों और विदेशी‑जन्मी संस्थापकों ने कड़ी आलोचना की है, और इस कदम को "बड़े पैमाने पर निरर्थक" तथा "अनावश्यक बोझ" कहा है। नई नीति के तहत, अगर आप पहले से ही अमेरिका में रह रहे हैं, तो अब आपको अपने मूल देश से नया वीजा आवेदन करना होगा और फिर पुनः प्रवेश के लिये आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह परिवर्तन न केवल व्यक्तिगत स्तर पर कठिनाइयाँ बढ़ाएगा, बल्कि अमेरिकी आर्थिक प्रणाली में प्रवासी प्रतिभा के योगदान को भी बाधित कर सकता है। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारणों में प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने और सुरक्षा जाँच को सख्त करने का दावा किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम ग्रीन कार्ड धोखाधड़ी को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, कई विशेषज्ञों ने कहा है कि इस नियम से लाखों योग्य आवेदकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उन्हें अपने घर की दूरी से आवेदन करना होगा, जिससे समय, लागत और व्यक्तिगत तनाव में भारी वृद्धि होगी। विदेश में रहने वाले भारतीय उद्यमी और संस्थापक, जिन्होंने कई सालों तक अमेरिका में अपना कार्बनिक व्यवसाय स्थापित किया है, उन्होंने इस नीति को "अव्यवहारिक" और "अविवेकी" कहा। एनडिटीवी के एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मूल के कई सफल स्टार्ट‑अप संस्थापकों ने इस कदम के बाद भारत लौटने की बात कही है, जिससे अमेरिकी स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को संभावित रूप से नुकसान हो सकता है। इसी बीच, बीबीसी ने बताया कि अब अधिकांश ग्रीन कार्ड आवेदकों को विदेश से आवेदक प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी, जिससे प्रक्रिया में कई महीनों का विलंब हो सकता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इस नीति से उच्च शिक्षित प्रवासी और कुशल कार्यकर्ता देश छोड़ सकते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को प्रतिभा की कमी का सामना करना पड़ेगा। निष्कर्षतः, नया ग्रीन कार्ड नियम नीतिगत रूप में सुरक्षा की दृष्टि से समझ में आ सकता है, लेकिन इसकी लागू करने की विधि और प्रभाव व्यापक रूप से नकारात्मक प्रतीत होते हैं। विदेशी‑जन्मी संस्थापकों और आप्रवासन विशेषज्ञों की आवाज़ को सुनना आवश्यक है, ताकि नीति सुधार की दिशा में कदम उठाए जा सकें और प्रतिभाशाली प्रवासियों को निरंतर सहयोग मिल सके। यदि सरकार इस नियम को पुनर्विचार करती है, तो यह न केवल प्रवासियों के हित में होगा, बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता और विकास की ओर ले जाएगा।