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Breaking News: ग्रीन कार्ड नियमों में बदलाव: एच‑1बी, एल‑1 और एफ‑1 ओपीटी धारकों पर नया प्रावधान
🕒 23 minutes ago

संयुक्त राज्य अमेरिका की आव्रजन नीति में हाल ही में हुए बदलावों ने कई पेशेवर और छात्रों को अचरज में डाल दिया है। प्रवास कानून के विशेषज्ञों के अनुसार, अब एच‑1बी, एल‑1 वीज़ा और एफ‑1 ओपीटी (ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) रखने वाले कई अभ्यर्थियों को ग्रीन कार्ड के लिये अपने देश से आवेदन करना अनिवार्य हो गया है। यह नई नीति ट्रम्प प्रशासन के तहत लागू की गई थी, जिसका मूल उद्देश्य अमेरिकी श्रम बाजार में रोजगार को प्राथमिकता देना और विदेशियों द्वारा दीर्घकालिक रहन‑सहन को नियंत्रित करना था। नियमों में सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि अब ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया को "आउट‑ऑफ़‑कंट्री" (देश बाहर) प्रक्रिया में बदल दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि चाहे किसी के पास एच‑1बी या एल‑1 वीज़ा हो, या वह एफ‑1 छात्र हो और ओपीटी के अंत में ग्रीन कार्ड की योजना बना रहा हो, उसे अब अपने मूल देश में स्थित अमेरिकी दूतावास या कांसुलेट से आवेदन करना पड़ेगा। इस नई व्यवस्था के तहत आधिकारिक तौर पर सभी जारी आनुवांशिक आवेदन, साक्षात्कार और मेडिकल परीक्षण भी विदेश में ही पूरे किए जाएंगे। इस परिवर्तन के कारण कई प्रवासी अपने करियर में बाधा महसूस कर रहे हैं। एच‑1बी वीज़ा धारकों को अक्सर आय पर निर्भर रहना पड़ता है, और अब उन्हें कार्यस्थल से दूर हुए बिना ग्रीन कार्ड के लिए विदेश यात्रा करनी होगी, जिससे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसी तरह, एल‑1 वीज़ा पर काम करने वाले प्रबंधकों और कार्यकारियों को भी लंबे समय तक अपने मातृभूमि में रहना पड़ सकता है, जिससे कंपनी के संचालन पर असर पड़ सकता है। एफ‑1 छात्र भी इस नियम से प्रभावित हुए हैं, क्योंकि उन्हें अपने शैक्षणिक योजना के साथ साथ विदेश यात्रा के खर्च और समय का भी ध्यान रखना पड़ेगा। दूसरी ओर, इस नीति के समर्थक तर्क देते हैं कि इस बदलाव से अमेरिकी श्रम बाजार को प्राथमिकता मिलती है और विदेशी कामगारों के अति‑सभीकरण को रोका जा सकता है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी ने कहा है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संतुलन को बनाए रखने के लिये आवश्यक है। अब तक इस नीति को लागू करने के बाद कई हजारों अभ्यर्थियों को अपने मूल देश लौटने और वहाँ से ग्रीन कार्ड के लिये आवेदन करने का निर्देश दिया जा चुका है। निष्कर्षतः, ग्रीन कार्ड के नए नियमों ने एच‑1बी, एल‑1 और एफ‑1 ओपीटी धारकों के लिये एक नई दिशा निर्धारित की है। उन लोगों को अब विदेश यात्रा, अतिरिक्त लागत और समय की समस्याओं से जूझना पड़ेगा, जबकि इस नीति के पीछे अमेरिकी सरकार का उद्देश्य रोजगार एवं सुरक्षा को प्रमुखता देना है। आव्रजन के इच्छुक व्यक्तियों के लिये यह आवश्यक है कि वे इस बदलाव को समझें और अपने वैध अधिकारों तथा भविष्य की योजना को ध्यान में रखकर उचित कदम उठाएँ।

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✍️ By Pradeep Yadav | 23 May 2026