पुलवामा हत्याकांड के मुख्य व्यवस्थितकर्ता हमजा बुरहां की हत्या का हल नहीं निकला, लेकिन कई स्रोतों ने बताया है कि वह पाकिस्तान-भुगले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा गोली मारकर जलाया गया। 14 फरवरी को इस खबर ने राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत-पीओके संबंधों पर नई बहस छेड़ दी। इस घटना को लेकर विभिन्न मीडिया हाउसों ने अलग- अलग रिपोर्टें प्रकाशित कीं, परन्तु सभी ने यह कहा है कि बुरहां की मौत का सम्बन्ध तुरंत स्पष्ट नहीं है और उसकी पहचान के बाद की जाँच अभी जारी है। हिंदुस्तान टाइम्स और द टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख अखबारों ने बताया कि बुरहां को दो गनस्मोकर्स ने रात के समय पीओके के एक छोटे शहर में नज़रबंद कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, वह अकेले ही नहीं था; उसके साथ कुछ सहयात्री भी साथ थे, जो अंततः सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। फिर भी बुरहां की लाश ढूँढी नहीं जा सकी, जिससे यह अटकलबाज़ी हुई कि वह या तो मारा गया या फिर हिमाचल प्रदेश की सीमा के निकट किसी अन्य स्थान पर ले जाया गया। इस दुर्दांत घटना पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि यह एक अंतःस्थानीय साजिश हो सकती है, जिसमें बुरहां को उसके दुश्मनों ने निशाना बनाया है। साथ ही, पीओके के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि पाकिस्तान ने कहा कि वह इस मामले में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगा और यह भारत का भीतर का मामला है। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ क्षेत्रीय शांति को बाधित कर सकती हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस पर चर्चा की जाएगी। अंत में, हमजा बुरहां की मौत से जुड़ी अज्ञातता ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या वह किसी प्रतिशोधी गुट द्वारा मारा गया, या यह एक साजिश का हिस्सा है जो भारत-पीओके के तनाव को और बढ़ाने की दिशा में है? सूत्रों ने बताया है कि बुरहां की हत्या के पीछे के रहस्य को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच संवाद आवश्यक होगा। यदि इस मामले में स्पष्टता नहीं आती, तो यह घटना न केवल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जटिल बना सकती है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल को भी हिलासूप बनाकर रख सकती है।