📰 Kotputli News
Breaking News: ईबोला संकट के कारण भारत‑अफ्रीका शिखर सम्मेलन स्थगित, नई तिथियों का इंतजार
🕒 1 hour ago

विदेशी मंत्रालय ने अचानक घोषणा की है कि भारत‑अफ़्रीका फ़ोरम शिखर सम्मेलन को निरस्त नहीं बल्कि स्थगित किया जा रहा है। यह निर्णय दुष्प्रभावी ईबोला वायरस के recent फैलाव के मद्देनज़र लिया गया है, जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की थी। भारत ने पहले इस शिखर सम्मेलन को नई दिल्ली में, अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए आयोजित किया था, परन्तु डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो के एम23‑होल्ड क्षेत्र में वायरस के तेज़ी से बढ़ते मामलों ने उपाय की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट कर दिया। इसलिए, सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, 24-25 मई को निर्धारित कार्यक्रम को रोक कर नई तिथियों पर पुनः तय किया जाएगा। अभी तक नई तिथियों की घोषणा नहीं की गई है, परन्तु दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर त्वरित वार्ता करने का आश्वासन दिया है। ईबोला वायरस, जो पिछले कई दशकों में कई अफ्रीकी देशों में घातक रूप से फैल चुका है, अब कांगो के उत्तर-पूर्वी हिस्से में पुनः प्रकट हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस क्षेत्र में अब तक 150 से अधिक संभावित मामलों की सूचना मिली है, जिसमें कई मृत्यु के मामलों की पुष्टि भी की गई है। इससे न केवल स्थानीय स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव बढ़ा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समारोहों की निरंतरता को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। भारत ने पहले ही दक्षिण अफ्रीका, केन्या, नाइजीरिया और अन्य प्रमुख अफ्रीकी देशों को अपने स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में विस्तृत जानकारी भेजी है, और सभी को ईबोला के संभावित प्रसार को रोकने के लिए व्यापक जांच और निगरानी करने का निर्देश दिया है। शिखर सम्मेलन के स्थगन से दोनों पक्षों के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक समझौतों में अस्थायी विलंब तो होगा, परन्तु यह कदम स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की दिशा में एक ज़िम्मेदार निर्णय माना जा रहा है। अफ्रीकी संघ (AU) के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे भारत के साथ मिलकर इस महामारी को नियंत्रित करने के लिये सहयोग करेंगे और इस दिशा में संयुक्त वैक्सीनेशन कार्यक्रम एवं उपचार उपायों की भी चर्चा करेंगे। वहीं, भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि "हम सभी अफ्रीकी देशों के साथ अपने सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं, परंतु स्वास्थ्य सुरक्षा की कोई समझौता नहीं होनी चाहिए"। नई तिथियों की घोषणा होने पर, सभी देश इस अवसर को फिर से सशक्त बनाने के लिए तैयार रहेंगे। अंततः, यह स्थगन यह दर्शाता है कि वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को अनदेखा नहीं किया जा सकता और देशों को अपने अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव को भी सुरक्षा के साथ संतुलित रखना चाहिए। इस महामारी की रोकथाम में सफलतापूर्वक सहयोग करने से ही भविष्य में ऐसे शिखर सम्मेलनों को सुरक्षित और प्रभावी रूप से आयोजित किया जा सकेगा। नई तिथियों की घोषणा का इंतजार करते हुए, सभी देशों को अपने सीमाओं में स्वास्थ्य निगरानी को कड़ा करने और रोग के प्रसार को रोकने के लिए सुदृढ़ कदम उठाने के लिए कहा गया है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 21 May 2026