नई दिल्ली: इटली के रोम में आयोजित आधिकारिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतिहास के दो महान शहरों—रोम और काशी—के बीच गहरा सांस्कृतिक सम्बंध उजागर किया। "अनंत शहरों" के उपनाम से मशहूर दोनों नगरों को आध्यात्मिक, शैक्षिक और आर्थिक क्षेत्रों में आपस में जोड़ने की चिंता को लेकर मोदी ने कहा कि भारत और इटली के बीच के विशेष रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए, दो शहरों के बीच सांस्कृतिक वाणिज्य को बढ़ावा देना आवश्यक है। इस अनूठी बात को सुनते ही उपस्थित विश्व नेताओं और पत्रकारों ने ताली बजा दी, क्योंकि यह विचार न केवल द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करता है, बल्कि पर्यटन, कला और शिल्प के क्षेत्रों में नई संभावनाएँ भी खोलता है। रोम में हुए इस पब्लिक इवेंट में इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भारत के साथ संबंधों को "सामुदायिक सहयोग" के स्तर तक ले जाने का समर्थन किया। दोनों देशों ने "विशेष रणनीतिक भागीदारी" के तहत आर्थिक सहयोग, ऊर्जा, रक्षा और विज्ञान-प्रौद्योगिकी में कई समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को "भारत की आध्यात्मिक राजधानी" के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि रोमन प्राचीनता को "विश्व की सांस्कृतिक धरोहर" माना। इस तरह का सम्बंध दो महान सभ्यताओं के बीच के साझा इतिहास को दर्शाता है और भविष्य में संयुक्त शैक्षणिक परियोजनाओं, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यटन पैकेजों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है। इसी दौरान, एक हल्की‑फुल्की परंतु प्रभावशाली घटना भी सामने आई। प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के प्रधानमंत्री जीओर्जिया मेलोनी को "मेलोडी" नामक एक कस्टम टॉफ़ी भेंट की, जिससे सोशल मीडिया पर "मेलोडी इफ़ेक्ट" के रूप में खूब चर्चा फैली। इस छोटी लेकिन दिलचस्प भेंट ने इंटरनेट पर लाखों व्यूज जुटाए और इटली के परिधान बाजार में भी नई रुचि उत्पन्न की। कई मीडिया संस्थाओं ने इस क्षण को "सांस्कृतिक कूटनीति का नया अध्याय" कहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि छोटे‑छोटे इशारे भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बड़े बदलाव ला सकते हैं। समापन में, प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को "इतिहाsी संदर्भों के साथ आधुनिक सहयोग" कहा और भरोसा जताया कि रोम‑काशी सम्बंध को आगे बढ़ाते हुए, दोनों देशों के लोगों के बीच संवाद और समझ बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह सम्बंध केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक रूप से भी दो देशों के आर्थिक विकास और सामाजिक समृद्धि में सहायक रहेगा। इस प्रकार, रोम और काशी के बीच का नया सम्बंध भारत-इटली मित्रता को और भी गहरा करने का एक आगे बढ़ता कदम साबित होगा।