नई दिल्ली: आज इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो पक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक विशिष्ट मुलाक़ात की. इस वार्ता में दोनों देशों के व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई आयामों पर चर्चा हुई, परंतु इस बैठक की सबसे यादगार बात थी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मेलोनी के लिए 'मेलोडी' तोफ़ी का उपहार. इस साधारण मिठाई ने दो देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों में एक नई मिठास जोड़ दी है. वार्ता के दौरान इटली और भारत के रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के कदमों पर प्रकाश डाला गया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इटली के साथ ऊर्जा सुरक्षा, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाना भारत की प्राथमिकताओं में से एक है. इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने नई तकनीकी साझा करने, जलवायु परिवर्तन के लिये संयुक्त पहल और निवेश को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई. साथ ही, इटली के शीर्षस्तरीय औद्योगिक संस्थानों के साथ भारतीय स्टार्ट‑अप्स के सहयोग की सम्भावनाओं पर भी चर्चा हुई, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई गति मिलने की आशा है. सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में भी वार्ता का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा. रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, भारत ने अपने प्रमुख यूरोपीय सहयोगी के रूप में इटली को सुदृढ़ किया है. दोनों देश समुद्री सुरक्षा, एंटी‑टेररिज़्म और साइबर सुरक्षा के लिए संयुक्त अभ्यास तथा जानकारी का आदान‑प्रदान करने पर सहमत हुए. ऐसे कदम न केवल द्विपक्षीय विश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि व्यापक यूरो‑एशिया कूटनीति में भी सहयोगी बनाते हैं. वार्ता के क्षणिक लेकिन यादगार भाग में, प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के प्रधान मंत्री को भारत का मशहूर 'मेलोडी' तोफ़ी तोहफ़े में दिया. इस मीठे उपहार के पीछे न केवल भारतीय मिठाई-व्यापार का समर्थन है, बल्कि एक सुगम सांस्कृतिक संकेत भी है. अभिलेखों के अनुसार, इस तोफ़ी को बना रहे पर्ले इंडस्ट्रीज ने इस अवसर पर स्टॉक की कीमत में पाँच प्रतिशत तक की छलांग देखी, जिससे इस उपहार की आर्थिक महत्ता भी स्पष्ट हुई. कई मीडियाने इसे 'चॉकलेट कूटनीति' कहा, जहाँ पाक कला के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आसान और मित्रवत संवाद स्थापित किया गया. उपहार के बाद दोनों नेताओं के बीच हंसी के पल देखे गये, जिससे वार्ता में एक मैत्रीपूर्ण माहौल बना रहा. निष्कर्षतः, प्रधानमंत्री मोदी और जियोर्जिया मेलोनी के बीच हुई इस मुलाक़ात ने दो देशों के सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक बंधनों को नई दिशा दी है. ऊर्जा साझेदारी, रक्षा सहयोग और व्यापार विस्तार के स्पष्ट कदमों के अलावा, एक साधारण मिठाई का आदान‑प्रदान भी कूटनीति के नए रूप को दर्शाता है. यह मुलाक़ात यह सिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गंभीर मुद्दों के साथ साथ छोटे-छोटे मानवीय स्पर्श भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. भविष्य में जब भारत‑इटली के बीच सहयोग की बात होगी, तो इस 'मेलोडी' तोफ़ी का स्वाद यादगार रूप में ज़रूर सामने आएगा.