📰 Kotputli News
Breaking News: सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया आवारा कुत्ता मामलों पर निर्णय: जन सुरक्षा और राज्य की जिम्मेदारी पर नया दिशा‑निर्देश
🕒 1 day ago

सुप्रीम कोर्ट ने आज आयी सुनवाई के बाद आवारा कुत्तों से उत्पन्न सार्वजनिक सुरक्षा खतरे को लेकर एक निर्णायक आदेश जारी किया। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें केवल कुत्तों की संख्या घटाने तक सीमित नहीं रह सकतीं, बल्कि उन्हें व्यवस्थित रूप से मारने, पकड़ने और एनीमल हेलेथ सेंटर्स में रखरखाव की पूरी प्रक्रिया अपनानी अनिवार्य है। यह आदेश कई राज्यों की मौजूदा नीतियों की आलोचना के बाद दिया गया, जहाँ लगातार आवारा कुत्तों के कारण मानवीय क्षति और जानवरों के प्रति असंवेदनशीलता दोनों ही सामने आईं। सपष्ट रूप से कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के कारण आने वाले इंसानों के दंत क्षति, जानलेवा जख्म और जन स्वास्थ्य संकट को रोकने के लिए "सतत और संरचित प्रयास" आवश्यक हैं। राज्य सरकारों को अब अविकसित क्षेत्रों में कुत्ता नियंत्रण इकाइयों की स्थापना, वैधानिक पंजीकरण और टीकाकरण कार्यक्रमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, स्थानीय निकायों को कुत्तों के निरंतर प्रबंधन के लिये बजट आवंटन, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और निगरानी प्रबंधकों की नियुक्ति अनिवार्य करनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल अस्थायी उपायों से समस्या का समाधान नहीं हो सकता; इसलिए, सरकारों को आवारा कुत्तों की जनसंख्या को घटाने के लिये एक विस्तृत नीति बनानी होगी, जिसमें कृत्रिम गर्भनिरोधक, एंटी-रैबिटिस टीका, और आवश्यकतानुसार एथिकल ईथनॉलॉजिकल तरीके से मारना शामिल होगा। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में, राष्ट्रीय पशु कल्याण बोर्ड (NPWD) को भी निर्देशित किया गया कि वह राज्य स्तर पर स्थापित यह सभी उपायों की प्रभावशीलता का निरन्तर मूल्यांकन करे और रिपोर्ट को कोर्ट में पेश करे। आखिरकार, न्यायालय ने यह आदेश देते हुए कहा कि यदि राज्य सरकारें उक्त दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करतीं, तो उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस निर्णय से न सिर्फ़ मानवीय सुरक्षा पर बल मिला है, बल्कि पशु कल्याण के प्रति समाज की जागरूकता में भी एक नया आयाम जुड़ गया है। यह स्पष्ट है कि सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मुद्दे को केवल एक कानूनी विवाद नहीं मानकर, राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित किया है, जिससे भविष्य में इस समस्या के निवारण के लिये एक ठोस एवं टिकाऊ ढांचा तैयार होगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 19 May 2026