प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा ने दो देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को नई ऊँचाईयों पर पहुंचा दिया। राजधानी ओस्लो में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने नॉर्वे के राष्ट्रपति तथा विदेश मंत्रियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आतंकवाद के मुकाबले भारत को मिली अंतरराष्ट्रीय समर्थन का यह एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। मोदी जी ने बताया कि भारत और नॉर्वे दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस प्रतिबद्धता को साकार करने के लिये सामूहिक कार्रवाई आवश्यक है। इस अवसर पर नॉर्वे के राष्ट्रपति ने भी कहा कि नॉर्वे अतीत में कई बार आतंकवादी अभियानों को रोकने में भारत के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा रहा है और भविष्य में भी इस सहयोग को और गहरा करने का इरादा रखता है। इस दौरे के दौरान भारत-नॉर्वे द्विपक्षीय समीक्षाएं भी आयोजित हुईं, जहाँ दोनों देशों ने आर्थिक, ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को विस्तारित करने का संकल्प लिया। विशेष रूप से सतत ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को महत्व दिया गया। द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिये नई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और युवा उद्यमियों के लिये विशेष मंच तैयार करने की बात भी कही गई। नॉर्वे ने भारत को अपने उच्चतम नागरिक सम्मान से सम्मानित किया, जो दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता और विश्वास का संकेत है। नॉर्वे के विदेश मंत्री ने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में आतंकवाद, सायबर हमले और हाइब्रिड युद्ध जैसी नई चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं, जिनसे मुकाबला करने के लिये अंतरराष्ट्रीय सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नॉर्वे भारत के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग, आतंकवादी नेटवर्क की पहचान और वित्तीय स्रोतों को कटौती करने में सहयोग जारी रखेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात को दोहराते हुए कहा कि भारत किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय संकट में अकेला नहीं है, और प्रतिकूल परिस्थितियों में विश्व के सभी लोकतांत्रिक देशों को एकजुट होना चाहिए। भुवन से लेकर छोटे शहरों तक, भारतीय जनता ने इस यात्रा को बड़े उत्साह के साथ देखा। सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रधानमंत्री के नॉर्वे में किए गए औपचारिक कार्यों और उनके द्वारा कही गई बातों को सराहा। इस यात्रा ने भारत की आगे बढ़ती विदेश नीति को भी स्पष्ट रूप से दिखाया, जिसमें रणनीतिक साझेदारियों के द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने का लक्ष्य प्रमुख है। अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के साथ नॉर्वे का सहयोग केवल आतंकवाद के खिलाफ नहीं, बल्कि वैश्विक शांति, आर्थिक स्थिरता और सतत विकास के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये भी है, और यह सहयोग भविष्य में और भी अधिक प्रगति करेगा।