📰 Kotputli News
Breaking News: सीकर के शिक्षक ने निकाली नीत प्रश्नपत्र रिसाव की धड़कन, राष्ट्रीय परीक्षा में छुपे काले जाल की खुलासे
🕒 2 days ago

राजस्थान के सीकर जिले में एक साधारण शिक्षक की सतर्कता ने न केवल एक बड़े परीक्षा धोखे को उजागर किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली में मौजूद खामियों को भी प्रकाश में लाया। इस शिक्षक, जिनका नाम अभी स्पष्ट नहीं किया गया है, ने जून में आयोजित नीत (राष्ट्रीय योग्यताप्राप्ति परीक्षा) के प्रश्नपत्र का एक अंश सोशल मीडिया पर देखी और तुरंत ही व्यवस्था को चेतावनी दी। यह कदम केवल एक व्यक्तिगत सतर्कता नहीं था; यह एकत्रित साक्ष्य, गवाहियों और शंकाओं का संगम था, जिसने अंततः पुलिस और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को इस बड़े धोखे की गहराई में उतरने के लिए प्रेरित किया। शुरुआती संदेह तब उत्पन्न हुआ जब इस शिक्षक ने अपने छात्र को एक अनजाने में उपलब्ध प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट साझा करता देखा। स्क्रीनशॉट में नीत के कुछ प्रमुख सवाल, विशेषकर रसायन विज्ञान के कठिन प्रश्न, स्पष्ट रूप से दिख रहे थे, जो परीक्षा के दो दिन पहले ही सार्वजनिक हो चुके थे। यह देखकर शिक्षक ने तुरंत कॉलेज के प्रबंधन और राज्य शिक्षा विभाग को सूचना दी, जिससे एक त्वरित जांच शुरू हुई। जांच के दौरान पता चला कि इस प्रश्नपत्र की प्रतिलिपि एक निजी कोचिंग संस्थान, रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगाओनकर द्वारा तैयार कर ली गई थी। यह कोचिंग संस्थान पहले भी अंडरग्रेजुएट मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में तालमेल बिठाने के आरोपों में फँसा रहा था, पर इस बार उनका हाथ नीत के कागज में पका हुआ मिला। सीबीआई ने इस मामले में कई आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जिसमें मोटेगाओनकर और उनके सहयोगी शामिल हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रश्नपत्र को डिजिटल रूप में एडिट कर, विभिन्न कोचिंग शैलियों के छात्रों तक अनायास पहुंचाया गया था। इस प्रक्रिया में कई माध्यमों का उपयोग किया गया, जैसे सोशल मीडिया समूह, निजी मैसेजिंग ऐप और यहाँ तक कि अनाम ईमेल खाता। इस प्रकार की योजना न केवल छात्रों के बीच अनुचित लाभ प्रदान करती है, बल्कि देश भर में लाखों अभ्यर्थियों के अधिकारों का भी उल्लंघन करती है। इस केस ने राष्ट्रीय स्तर पर नीत परीक्षा की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिक्षा विभाग ने तत्कालिक कदम उठाते हुए सभी कोचिंग संस्थानों को चेतावनी जारी की और परीक्षा केंद्रों में निगरानी को कड़ा करने का आदेश दिया। साथ ही, भविष्य में ऐसे रिसाव को रोकने के लिए इलेक्ट्रॉनिक एन्क्रिप्शन, कड़ी पहचान प्रक्रिया और परीक्षा पेपर के डिलीवरी में नई तकनीकों को अपनाने की बात कही गई है। निष्कर्षस्वरूप, सीकर के इस सतर्क शिक्षक की चतुराई ने न केवल एक बड़ी कपट योजना को उजागर किया, बल्कि पूरे देश में परीक्षा सुरक्षा को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को भी स्पष्ट किया। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि परीक्षा प्रणाली की अखण्डता केवल अधिकारियों की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि हर शिक्षणीकर्ता और अभ्यर्थी के सामूहिक प्रयास पर निर्भर है। ऐसी लापरवाही को रोकना और भविष्य में शैक्षिक परिक्षाओं को निष्पक्ष बनाना, अब सभी संबंधित पक्षों की प्राथमिकता बन गई है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 18 May 2026