📰 Kotputli News
Breaking News: सीबीआई ने किया बड़ा खुलासा: लीकेज के बाद नेत्र रोग योग्यता परीक्षा के प्रश्नपत्र के खरीददार माता‑पिता को गिरफ्तार
🕒 2 days ago

नेशनल एग्जीक्यूशन एग्जामिनेशन टेस्ट (एनईईटी) के प्रश्नपत्र का लेक्चरदारी से सार्वजनिक होना पूरे देश में तीव्र हड़कंप मचा रहा है। इस चोरी के पीछे मुख्य भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों की पहचान करने के बाद केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी (सीबीआई) ने अब उन अभिभावकों को लक्षित किया है, जिन्होंने अपने बच्चों के लाभ के लिये चोरी किया हुआ प्रश्नपत्र खरीदने की कोशिश की थी। इस कदम से यह स्पष्ट हो गया कि न केवल परीक्षा के अंदरूनी साजिशकार ही नहीं, बल्कि उन लोगों की भी जाँच की जाएगी, जो इस अवैध व्यापार में उपभोक्ता बनते हैं। सीबीआई के प्रमुख अधिकारी ने बताया कि इस मामले में कई राज्यों के छात्र और उनके मातापिता शामिल थे, जिन्होंने फर्जी कागज का उपयोग कर अपनी शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाने की सोची थी। जांच के दौरान यह भी उघड हुआ कि एक सौंदर्य विशेषज्ञ को प्रमुख मध्यस्थ के रूप में इस्तेमाल किया गया था, जो लीकेज की गई फाइलें विभिन्न शहरों में वितरित कर रहा था। इस सदर में मिलने वाले दस्तावेजों के साथ भुगतान के रूप में नकद और डिजिटल लेनदेन दोनों प्रकार के साधनों का प्रयोग किया गया, जिससे पुलिस को संदेह था कि यह एक संगठित गिरोह है। जांच के दौरान पता चला कि कई अभिभावकों ने अपनी आयु, पेशा और संपर्क विवरणों को झूठा बता कर इस लेनदेन को छुपाने की कोशिश की। इस कारण सीबीआई ने उन सबके खिलाफ फॉरेंसिक विश्लेषण, बैंक ट्रांजेक्शन रेकॉर्ड और मोबाइल डेटा का उपयोग कर साक्ष्य इकठ्ठा किए। अब तक के आंकड़ों के अनुसार लगभग पचास से अधिक लोग इस जांच के दायरे में आए हैं, जिसमें कुछ ने पहले ही कानूनी कार्रवाई का सामना किया है। इस बड़े मामलों के प्रकाश में शिक्षा मंत्रालय और राज्य सरकारें भी सक्रिय हो रही हैं। कई राज्य शिक्षा अधिकारियों ने कहा है कि अब परीक्षा सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिये कड़ा कदम उठाए जाएंगे, जिसमें वैरिफिकेशन प्रक्रिया, प्रश्नपत्र के एन्क्रिप्शन और डिजिटल मॉनिटरिंग को और अधिक कठोर किया जाएगा। साथ ही, अभिभावकों को यह चेतावनी दी गई है कि इस प्रकार के अपराध में भागीदारी करने वाले को कड़ी दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। अंत में कहा जा सकता है कि नेत्र रोग योग्यता परीक्षा के प्रश्नपत्र की लीक, शिक्षा प्रणाली की नाजुकता को उजागर करती है, लेकिन सीबीआई की सक्रिय जाँच और अभियोजन ने इस खतरे को रोकने और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अभिभावकों को भी यह समझना चाहिए कि वैध शिक्षा ही उनके बच्चों का वास्तविक भविष्य निर्मित करती है, न कि असत्य साधन।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 18 May 2026