नई दिल्ली: भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के रॉयल ऑर्डर ऑफ़ पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस की उपाधि प्राप्त की, जिससे उनका अंतर्राष्ट्रीय सम्मान 31वें वैश्विक पुरस्कार की सीमा तक पहुंचा। यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीडन के राजा कार्ल XVI गुस्ताव द्वारा प्रधानमंत्री को प्रस्तुत किया गया, जो राजनयिक और आर्थिक संबंधों के दृढ़ बंधन को दर्शाता है। स्वीडन में मोदी की आधिकारिक यात्रा के दौरान यह सम्मान प्रस्तुत किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और पारस्परिक विश्वास का संकेत मिलता है। भाषा, तकनीक, रक्षा और व्यापार के क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से मोदी ने स्वीडन के विभिन्न उच्चस्तरीय मंचों में भाग लिया। उनकी सीट पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वीडन के ग्रिपेन फाइटर जेट्स ने उनका स्वागत किया, जिससे दोनों राष्ट्रों के रक्षा सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश पड़ा। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वीडिश प्रधानमंत्री और राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ व्यापार बारीकी से चर्चा की, जिसमें हरित ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और स्वच्छ परिवहन के लिए सहयोगी पहलें शामिल थीं। इन वार्ताओं से उम्मीद है कि दोनो देशों के व्यापारिक वैकल्पिक अनुपात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। स्वीडन में मोदी के प्रवास के प्रमुख बिंदु之一, स्वीडिश राष्ट्रपति और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बिंदु-पर-बिंदु आर्थिक बातचीत थी। दोनों पक्षों ने 2023 में दोबारा 2.5 बिलियन यूरो के व्यापारिक लक्ष्य को 2025 तक बढ़ाने की योजना पर सहमति जताई। इसके साथ ही स्वीडन-भारत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संधि को विस्तारित करने के लिये नई सहयोगी रूपरेखा तैयार की गई, जिससे स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम, डिजिटल स्वास्थ्य और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा किया जाएगा। रक्षा सहयोग के अन्तर्गत, दोनो देशों ने भविष्य में संयुक्त प्रशिक्षण और सामरिक अभ्यासों की संभावनाओं पर भी विचार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को प्राप्त करने के बाद कहा, "रॉयल ऑर्डर ऑफ़ पोलर स्टार केवल एक व्यक्तिगत मान्यता नहीं, बल्कि भारत‑स्वीडन मित्रता की गहराई और सामरिक साझेदारी के महत्व का प्रतीक है।" उन्होंने उपस्थिति में मौजूद स्वीडिश औपचारिकताओं को भी धन्यवाद देते हुए दोनो देशों के बीच शांति, समृद्धि और स्थायी विकास की दिशा में आगे बढ़ने की कसम खाई। इस अवसर पर स्वीडन के राजा ने भी भारत के विकास मॉडल, सऊदी-आधारित रणनीति और दक्षिण एशिया में भारत के बढ़ते प्रभाव को सराहा। संक्षेप में, स्वीडन में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा और उन्हें प्राप्त रॉयल ऑर्डर ऑफ़ पोलर स्टार ने भारत‑स्वीडन संबंधों को एक नई ऊँचाई पर पहुंचा दिया है। व्यापार, तकनीकी नवाचार, हरित ऊर्जा और रक्षा सहयोग के क्षेत्रों में दोनो देशों के बीच गहन सहयोग की संभावनाएं अब और स्पष्ट हो गई हैं। इस महत्त्वपूर्ण सम्मान के साथ, भविष्य में दोनों राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय वार्तालाप, परियोजनाएँ और सांस्कृतिक आदान‑प्रदान के कई अवसर उत्पन्न होने की आशा है, जो वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।