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Breaking News: दिल्ली में अगले हफ्ते तापमान 45°C तक पहुंच सकता है, उत्तर भारत को गर्मी के झोंके का खतरा
🕒 3 days ago

गर्मियों की लहर ने फिर से अपना सीना दिखा दिया है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम प्रक्षेपण के अनुसार, इस हफ्ते के बाद दिल्ली में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और उत्तर भारत के व्यापक हिस्सों में तीव्र गर्मी का सामना करना पड़ेगा। आकाश में धूप के साथ हवा में तीव्र गर्मी का मिश्रण लोगों की दैनिक जीवनशैली को प्रभावित करेगा। इस कठोर सूखे और गर्मी के समय में, नागरिकों को जल की कमी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और बिजली कटौती जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आईएमडी ने बताया है कि इस गरम हवामान में उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में दोपहर के समय तापमान 40 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। विशेष रूप से दिल्ली, गुड़िया, लखनऊ और वाराणसियों को सबसे अधिक असर पड़ेगा। इन क्षेत्रों में मौसम विभाग ने तेज़ हवाओं, कम वाष्पीभवन और धूप के कारण वायुमंडलीय दबाव में गिरावट की भविष्यवाणी की है, जिससे पसीना बहुत जल्दी नहीं सूखता और शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी जारी की है कि इस प्रकार की तीव्र गर्मी से हृदय-रोगी, श्वसन रोगी, बुजुर्ग और बच्चों को विशेष ध्यान देना होगा। सरकारी अधिकारी इस बात से आशंगिक हैं कि गरमी के कारण जलस्रोतों का स्तर घट रहा है। कई जल निकायों में जल स्तर नीचे गिर रहा है, जिससे जल आपूर्ति में बाधा आने की संभावना बन रही है। इस कारण से दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में पानी के वितरण को नियंत्रित करने के लिए जल जलनार्थी योजना लागू की जा रही है। साथ ही, बिजली विभाग भी अधिकतम उपयोग के समय में लोड शेडिंग कर सकता है, ताकि ग्रिड स्थिर रहे। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे बिजली और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और अनावश्यक लाइटिंग, एयर कंडीशनर को बंद रखें। अंत में, विशेषज्ञों ने इस तीव्र गर्मी के दौरान परिधान, खाने-पीने और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए हैं। हल्के रंग के कपड़े पहनें, शारीरिक थकान से बचने के लिए नियमित जल सेवन करें और ठंडे स्थानों में समय-समय पर विश्राम करें। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय स्तर पर ठंडक पम्प, शीतल काठी और सार्वजनिक जल शटलबैंड के संचालन को बढ़ाने की योजना बनायी है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी निजी सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी ध्यान रखें, और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल के हाइट-टेम्परेचर रूम में तुरंत इलाज करवाएं। इस ग्रीष्मकालीन लहर को मात देने के लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता आवश्यक होगी।

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✍️ By Pradeep Yadav | 17 May 2026