📰 Kotputli News
Breaking News: प्रधानमंत्री मोदी ने चेतावनी दी: दस वर्षों में आएगा गरीबी का बड़ा प्रकोप, कोविड‑19, युद्ध और ईंधन संकट को ‘आफ़त का दशक’ कहा
🕒 1 hour ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने विदेश दौरे की शुरुआत करते हुए एक चौंका देने वाला संदेश दिया। द्वितीय चरण के पाँच‑देशीय दौरे के पहले पड़ाव, नीदरलैंड्स में पहुँचने से पहले, उन्होंने बताया कि भारत को अब ऐसे समय का सामना करना पड़ रहा है जहाँ कोविड‑19 के बाद की आर्थिक मंदी, महत्त्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, ईंधन की कीमतों में वृद्धि और दुर्गम जलवायू चुनौतियों के कारण "आफ़त का दशक" घोषित किया जा रहा है। मोदी ने कहा कि यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गये तो इस दशक के अंत तक भारत में बड़े पैमाने पर गरीबी फिर से उभर सकती है, जिससे पिछले दो दशकों की गरीबी उन्मूलन की प्रगति को नुकसान पहुँचना संभव है। वाक्यांशों में स्पष्टता लाने के लिए प्रधानमंत्री ने तीन मुख्य कारणों को उजागर किया – पहली, कोविड‑19 महामारी के बाद के आर्थिक पुनरुद्धार में धीरज की कमी; दूसरी, यूक्रेन‑रूस युद्ध, मध्य पूर्व में बढ़ती तनाव और एशिया‑प्रशांत में प्रतिस्पर्धा, जो वस्तु-विनिमय दरों को अस्थिर कर रही हैं; तथा तीसरी, ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, जो उद्योगों और आम जनता दोनों पर दबाव डाल रही है। उन्होंने बताया कि इस त्रिकोष्टीय संघर्ष को देखते हुए सरकार ने पहले से ही कई उपायों की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिनमें आय वितरण को सुदृढ़ बनाने के लिये टैक्स सुधार, ग्रामीण आरक्षण, और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने हेतु वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विकास शामिल है। नीदरलैंड्स में मोदी के इस दौरे का दूसरा लक्ष्य आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि यूरोप के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई तकनीकों, हरित ऊर्जा, और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में निवेश करने की संभावना है। इस दौरान वे हाग में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करेंगे और भारत की वैश्विक स्थिति को उजागर करेंगे। उन्होंने विदेश में रह रहे भारतीय उद्यमियों और निवेशकों को आश्वस्त किया कि भारत एक स्थिर और भरोसेमंद बाजार बना रहेगा, जहाँ निवेशकों के लिये सुरक्षित माहौल तैयार किया गया है। निष्कर्षतः, मोदी ने पुकार लगाई कि सभी नागरिक, उद्योग और राज्य संस्थाएँ साथ मिलकर इस "आफ़त के दशक" को पार करने के लिये नई रणनीतियों को अपनाएँ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई-लिखाई और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिये अतिरिक्त बजट आवंटित किया जाएगा, जिससे गरीबी के पुनरागमन को रोका जा सके। यह शीर्षक‑स्तर की नीति घोषणा न केवल भारत को आर्थिक चुनौतियों से बचाने का लक्ष्य रखती है, बल्कि उसे एक स्थायी और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने की दिशा में एक स्पष्ट मार्गदर्शन भी प्रदान करती है।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 16 May 2026