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Breaking News: इंडियन आर्मी चीफ का कड़ा एलान: पाकिस्तान को चुनना है भू‑भौगोलिक या ऐतिहासिक भूमिका
🕒 1 hour ago

सऊदी अरब के किंग सऊद अब्दुलअज़ीज़ विश्वविद्यालय में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संगोष्ठी के दौरान भारत के प्रमुख सैनिक कमांडर, जनरल मनोज पैंट, ने पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा, "आपको तय करना होगा कि आप भू‑भौगोलिक स्थिति का हिस्सा बनना चाहते हैं या इतिहास का हिस्सा बनना चाहते हैं।" यह बयान भारतीय सेना के मुख्य कमांडर की ओर से आया, जिसने लगातार पाकिस्तान को सीमा पार आतंकि समर्थन बंद करने की अनिवार्य अपील की है। सत्र में जनरल पैंट ने बयान के साथ यह स्पष्ट किया कि यदि पाकिस्तान अपनी सीमावर्ती क्षेत्रों में उग्रवादी नेटवर्क को सुरक्षित रखने और ऊर्जा परियोजनाओं को बाधित करने जैसी कार्रवाइयों को जारी रखता है, तो वह केवल अपने ऐतिहासिक और भू‑भौगोलिक स्थान को खो देगा। उन्होंने कहा, "हमारी सीमा सुरक्षा नीतियों में कोई झुंझलाहट नहीं है, परन्तु जब तक आप हमें शत्रु मानेंगे और हमें खतरा बनाकर रखेंगे, तब तक हमें माफी नहीं मिल सकती।" इस दिशा में उन्होंने भारत सरकार की आशंका को दोहराया कि लाहौर में स्थित कई मिलिशिया समूह भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में आतंकवादी घटनाओं के लिए उत्तरदायी हैं। आरोपित आतंकवादी संगठनों के समर्थन को रोकने के लिए भारत ने पहले ही कई कूटनीतिक कदम उठाए हैं, जिनमें आर्थिक प्रतिबंध और सीमा पार निगरानी तंत्र की मजबूती शामिल है। इस संदर्भ में जनरल पैंट ने कहा, "यदि आप हमारी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करके आतंकवाद का पोषण करते रहे, तो भारतीय सेना के पास आपका नक्सा बदलने का अधिकार है—भू‑भौगोलिक क्षेत्र को इतिहास में बदलने के समान।" उन्होंने भारत की सैन्य तत्परता और दृढ़ संकल्प को दोबार उल्लेख किया, जिससे पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संवाद की संभावनाओं को घटा दिया। सारांश में, भारतीय सेना के प्रमुख ने अपनी बात को ऐतिहासिक और भू‑भौगोलिक रूपक से समझाते हुए पाकिस्तान को एक अंतिम विकल्प दिया: अपना व्यवहार बदलें, आतंकवाद को समाप्त करें, नहीं तो वह अपने राष्ट्रीय अस्तित्व को इतिहास में ही देखना पड़ेगा। इस चेतावनी ने दोनों देशों के बीच तनाव को फिर से बढ़ा दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देने के लिए आग्रह कर रहा है। इस परिप्रेक्ष्य में यह स्पष्ट है कि भविष्य में सीमा झड़पों से बचने के लिए कूटनीतिक संवाद ही शर्त बन सकता है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 16 May 2026