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Breaking News: NEET परीक्षा में कागज़ी धोखा: निरंतरता के लिए कंप्यूटर‑आधारित परीक्षा का बड़ा कदम
🕒 2 hours ago

देश के सबसे बड़े मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG में हाल ही में कागज़ी प्री‑परीक्षण उत्तरपत्रिकाओं का लीक होने का मामला सामने आया, जिससे विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा क्षेत्र में गहरी आशंकाएं उत्पन्न हुईं। यह घोटाला न केवल परीक्षा की विश्वसनीयता को धूमिल करने वाला था, बल्कि कई छात्र-छात्राओं के भविष्य को भी खतरे में डालता दिखा। इस स्थिति को देखते हुए, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत कदम उठाते हुए घोषणा की कि अगले साल से सभी NEET परीक्षाएँ पूरी तरह से कंप्यूटर‑आधारित होंगी। इस निर्णय का मूल उद्देश्य पेपर लीक जैसे अनुचित प्रथाओं को जड़ से समाप्त कर प्री‑परीक्षा की सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना है। सभी प्रमुख समाचार स्रोतों ने इस परिवर्तन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है। सबसे पहले, टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने बताया कि कागज़ी प्री‑परीक्षा में उत्तरपत्रिकाओं की असामान्य लीक ने सरकार को जल्दबाजी में वैकल्पिक उपाय खोजने के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में द हिंदू ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि भविष्य में सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा, जिसमें NEET सहित, पूरी तरह से कंप्यूटर‑आधारित होंगी, जिससे कागज़ी दस्तावेज़ों के फॉर्मेट की कमजोरियों को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। कंप्यूटर‑आधारित परीक्षा (CBT) के पक्ष में कई तर्क प्रस्तुत किए गए हैं। पहला, यह प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होती है, क्योंकि डाटा तुरंत एन्क्रिप्टेड सर्वर पर भेजा जाता है और किसी भी तरह की भौतिक चोरी की संभावना समाप्त हो जाती है। दूसरा, प्रश्नपत्र को व्यक्तिगत कंप्यूटर पर दर्शाया जाता है, जिससे एक ही प्रश्न को विभिन्न क्षेत्रों में समान समय पर वितरित किया जा सकता है, और परीक्षा केंद्र में मानव त्रुटियों की संभावना घटती है। तीसरा, परीक्षा के बाद परिणाम निकलते ही छात्रों को तुरंत उपलब्ध होते हैं, जिससे अनिश्चितता की अवधि कम हो जाती है। यह परिवर्तन केवल तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों की रक्षा में एक ठोस कदम है। इन्डियन एक्सप्रेस ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने NEET परीक्षा को रद्द करके छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की प्रतिज्ञा की थी, लेकिन अब यह मोड़ पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली पर स्विच करने के साथ ही सुदृढ़ हो गया है। इस पहल से न केवल कागज़ी लीक जैसी घटनाओं से बचाव होगा, बल्कि भविष्य में समान परीक्षा प्रणालियों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सकता है। अंत में, यह कहा जा सकता है कि NEET परीक्षा में कागज़ी लीक की घटना ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कंप्यूटर‑आधारित परीक्षा की दिशा में उठाया गया कदम सुरक्षित, विश्वसनीय और समयसापेक्ष परीक्षा प्रक्रिया की दिशा में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। जैसे ही 2026 की पुनः परीक्षा की तिथियां घोषित की गईं, छात्रों को नई प्रणाली के लिए तैयार होना पड़ेगा। यह परिवर्तन न केवल परीक्षा की अखंडता को बचाएगा, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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✍️ By Pradeep Yadav | 15 May 2026