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Breaking News: दिल्ली के सीएम रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर पेश किया दो‑दिन घर से काम, साप्ताहिक ‘नो व्हीकल डे’ और इको‑शटल सेवाओं का सम्मिलित समाधान
🕒 4 hours ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए सभी नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों से कार्यस्थल में ऊर्जा‑बचत कदम अपनाने का आग्रह किया। इस राष्ट्रीय अपील के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जल्द ही एक विस्तृत योजना का घोषणापत्र जारी किया, जिसमें दो दिन घर से काम करने (वर्क‑फ्रॉम‑हॉम) की पद्धति, साप्ताहिक ‘नो व्हीकल डे’ एवं सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने वाली कई पहल शामिल हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ट्रैफ़िक जाम को कम करना, ईंधन की खपत घटाना और वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। योजना के तहत, दिल्ली सरकार ने सभी गैर‑आवश्यक कार्यस्थलों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने का विकल्प देना अनिवार्य कर दिया है। इस नीति से कर्मचारियों को व्यक्तिगत वाहन के उपयोग में कमी आएगी और साथ ही कार्यालयों में भी ऊर्जा की बचत होगी। इन दो दिनों में, सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन, जैसे मेट्रो, बस या शटल सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा, हर सोमवार को 'नो व्हीकल डे' घोषित किया गया है, जिसमें निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा और सड़कों पर केवल सार्वजनिक एवं इलेक्ट्रिक वाहन ही चल पाएंगे। 'नो व्हीकल डे' के साथ ही दिल्ली में नई शटल सेवाओं की शुरुआत भी की गई है। नई शटलें राष्ट्रीय डेमोक्रेटिक मोरक्को क्लब (एनडीएमसी) के कार्यालय से विभिन्न प्रमुख बस टर्मिनलों तक नियमित अंतराल पर चलेंगी, जिससे कर्मचारियों को व्यक्तिगत वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन अपनाने में सुविधा होगी। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए शहर के कई सार्वजनिक पार्किंग क्षेत्रों में ईवी पार्किंग पर रियायती दरें निर्धारित की गई हैं। इस पहल से ईवी मालिकों को भी लाभ मिलेगा और साथ ही शहरी वायु प्रदूषण में कमी की संभावना बढ़ेगी। दिल्ली महापौर ने भी इस नई नीति का समर्थन करते हुए मेट्रो और ई‑रिक्शा का उपयोग करके कार्यालय जाने का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका मानना है कि जब उच्च पदस्थ अधिकारी बिना निजी वाहन के कामकाज करें, तो आम जनसंख्या में भी इस व्यवहार को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। इस दिशा में केंद्र सरकार भी अपने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसयू) को वर्क‑फ्रॉम‑हॉम की ओर उन्मुख करने के लिए प्रोत्साहन दे रही है। ऊर्जा मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों को आवागमन में सार्वजनिक परिवहन उपयोग करने के निर्देश जारी किए हैं, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की बचत में सहयोग मिलेगा। निष्कर्ष स्वरूप, प्रधानमंत्री के अपील के बाद दिल्ली सरकार ने घरेलू और सार्वजनिक परिप्रेक्ष्य दोनों को सम्मिलित करते हुए एक समग्र ऊर्जा‑बचत योजना प्रस्तुत की है। दो‑दिन घर से काम, साप्ताहिक 'नो व्हीकल डे' और इको‑शटल सेवा जैसी पहलों से न केवल ईंधन की खपत में कमी आएगी, बल्कि दिल्ली के नागरिकों को स्वच्छ व स्वास्थ्यवर्धक वायुमंडल का लाभ भी मिलेगा। यदि यह नीति सफलतापूर्वक कार्यान्वित होती है, तो यह अन्य बड़े शहरों के लिए एक मॉडल बनकर उभर सकती है, जिससे पूरे देश में पर्यावरणीय जागरूकता और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेंगे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 15 May 2026