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Breaking News: उतरा प्रदेश में अनपेक्षित आँजाद बवंडर: 111 मौत, 72 घायल, 26 जिलों में तबाही
🕒 5 hours ago

उत्तरी भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में इस सप्ताह एक असामान्य और भयानक आँजाद बवंडर ने 26 जिलों को अपनी तह में घसीट लिया। तेज़ हवाओं, तड़ित बारिश और अचानक उठे बर्फीले ओले ने क्षेत्र को पूरी तरह से जकड़ दिया। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस आपदा में 111 लोगों की जान चली गई और 72 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सड़कों पर खड़ा बवंडर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ता रहा, जिससे कई घर, गीले-गीले फसल के खेत, स्कूल और सार्वजनिक इमारतें ध्वस्त हो गईं। बवंडर के कारण बाढ़ की स्थिति भी गंभीर हो गई। कई नदियों का जल स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे अरावली, लखनऊ, बाराबंकी, आगरा और प्रयागराज जैसे प्रमुख जिलों में व्यापक जलजमाव हुआ। राहत कार्य के लिए राज्य सरकार ने 5000 से अधिक पुलिस अधिकारी, सशस्त्र बलों के जवान और स्थानीय स्वयंसेवकों को तैनात किया। राष्ट्रीय आपातकालीन नियंत्रण केंद्र ने आपदा प्रबंधन के लिए विशेष योजना बनाकर विभिन्न जिलों में फावड़े, बेलन और जलपंप भेजे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपातकालीन कैंप स्थापित करके घायल लोगों को त्वरित उपचार प्रदान किया। इस विनाश के बाद कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने सहायता का प्रस्ताव रखा। संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के साथ एकता जताते हुए आपदा पीड़ितों को राहत सामान भेजने का आश्वासन दिया। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी भारतीय राष्ट्रपति मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी को संदेश भेजते हुए इस आपदा में शोक व्यक्त किया और सभी को तत्परता से सहयोग करने का आह्वान किया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अतिरेक मौसम के कारण जलवायु परिवर्तन की तीव्रता बढ़ रही है। मौसम विभाग ने इस बवंडर को "असामान्य और अत्यधिक" श्रेणी में रखा है और आगे भी ऐसी तड़ित और गंभीर आँजाद स्थितियों से बचने के लिए सतत निगरानी और तत्परता आवश्यक है। अंत में, हर नागरिक को बवंडर के समय सुरक्षित स्थान की ओर चलने, आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने और आपातकालीन चीज़ें तैयार रखने की सलाह दी गई है।

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✍️ By Pradeep Yadav | 15 May 2026