इलेक्शन कमिश्नर (ईसी) ने हाल ही में भारत में चल रही विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) योजना के तीसरे चरण का विस्तार घोषणा की, जिसमें कुल 16 राज्य और 3 केन्द्र शासित प्रदेश (सीयू) को शामिल किया गया है। इस योजना का उद्देश्य चुनावी सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना, नए पते जोड़ना और मतदाता डेटा को अद्यतन करना है, ताकि आगामी चुनावों में प्रत्येक योग्य नागरिक को सही तरीके से मतदान का अधिकार मिल सके। इस चरण में अनिवार्य रूप से कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तमिलनाड़ु, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और कई छोटे प्रदेशों के साथ लद्दाख, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को वर्तमान में बाहर रखा गया है। तीसरा चरण 16 राज्य और 3 सीयू में 14,57,000 से अधिक मतदाताओं को लक्षित करता है, जहाँ इलेक्शन कमिश्नर ने विस्तृत कार्यसूची प्रकाशित की है। इसमें प्रत्येक जिले में चयनित 25 से 30 इकाइयों के माध्यम से रिव्यू और डेटा सत्यापन किया जाएगा। जनता को सूचित किया गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान वे अपनी मौजूदा जानकारी को ऑनलाइन या निकटतम निर्वाचन कार्यालय में जाकर जाँच और सुधार सकते हैं। इसी के साथ इलेक्ट्रॉनिक लॉकर सुविधा और एंटी-फ्रॉड सॉफ़्टवेयर का उपयोग करके डेटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल के पीछे मुख्य कारण है पिछले दो चुनावों में पाए गए कई भिन्नताएँ, जैसे नाम, आयु, लिंग, पते आदि में असंगतियां, जो मतदान में बाधा उत्पन्न करती हैं। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों और प्रवासी जनसंख्या वाले क्षेत्रों में सटीक डेटा न होने के कारण मतदाता सूची में त्रुटियां अधिक देखने को मिली थीं। इन समस्याओं को सुलझाने के लिए इलेक्शन कमिश्नर ने इस विशेष पुनरावलोकन को दो महीने तक चलाने का निर्णय लिया, जिसमें मतदाता स्वयं अपने विवरण को सत्यापित करने के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र लाने की आवश्यकता होगी। निष्कर्षतः, इस चरण के सफल निष्पादन से आगामी राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में पारदर्शिता और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इससे मतदाता अपने अधिकारों का सही उपयोग कर पाएंगे और चुनावी प्रक्रियाओं में विश्वास बहाल होगा। इलेक्शन कमिश्नर ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं, अपनी मतदाता सूची को अद्यतन रखें और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।