अस्म की राजधानी दिसपुर में बीजीए नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने दोबारा असम के मुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया। पूर्वी उत्तर पूर्वी क्षेत्र में बीजीए के निरंतर जीत के प्रतीक के रूप में यह शपथ ग्रहण समारोह उत्तरी भारत के राजनेताओं की पंक्ति में एक नई किरण बनकर उभरा। मुख्यमंत्री शपथ के साथ ही चार मंत्रियों को भी अपने पोर्टफोलियो सौंपे गए, जिससे नई सरकार की कार्यनीति का मार्ग स्पष्ट हो गया। शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वीकृति सभा के अध्यक्ष अमित शाह, और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ बीजीए नेताओं ने भाग लिया। समारोह के दौरान पीएम मोदी ने असम की विकास यात्रा की प्रशंसा करते हुए, आगामी योजना के लिए मंत्रियों को सुदृढ़ समर्थन का आश्वासन दिया। अमित शाह ने सरकार के इरादे को 'समान विकास' और 'आर्थिक सुदृढ़ता' कहकर रेखांकित किया, जबकि योगी जी ने असम में सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए विशेष सहयोग का वचन दिया। सशस्त्र शपथ ग्रहण के बाद नया मंत्रिमंडल सामने आया, जिसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, और परिवहन जैसे प्रमुख विभागों की देखरेख चार नई चेहरों को सौंपा गया। इन मंत्रियों में से दो युवाओं को सशक्त बनाने वाले कार्यक्रमों के लिए विशेष रूप से चुना गया, जिससे नई सरकार को नवाचार और युवा शक्ति का प्रयोग करने का अवसर मिला। इन नियुक्तियों से असम में नौकरियों के सृजन, कृषि में तकनीकी सुधार, और बुनियादी ढाँचे के विकास को तेज़ गति मिलने की उम्मीद है। हिमंत बिस्वा सरमा ने शपथ ग्रहण के बाद अपने प्रथम भाषण में कहा कि उनका लक्ष्य असम को 'आधुनिक भारत' के मॉडल में बदलना है। उन्होंने जल-संसाधन, औद्योगिक विकास, और पर्यटन को प्राथमिकता दी, साथ ही सीमावर्ती सुरक्षा और जनजातीय जनसंख्या के कल्याण को भी मुख्य एजेंडा बनाया। यह सरकार सतत विकास और सामाजिक समानता के सिद्धांतों पर काम करने का वचन देती है, जिससे असम के लोगों को नई आशा और ऊर्जा का संचार होगा। निष्कर्षतः, हिमंत बिस्वा सरमा की दोबारा मुख्यमंत्री पद ग्रहण और चार मंत्रियों की नियुक्ति असम में बीजीए की शक्ति को पुनः स्थापित करती है। यह सरकार आर्थिक विकास, सामाजिक समावेश और बुनियादी संरचना के सुधार में तेजी लाने के लिए दृढ़ संकल्पित प्रतीत होती है, और प्रदेश के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए नई दिशा तय कर रही है।