विजय सरकार में एक नई चमक उभरी है, जब 28 वर्षीय एस.कीर्तना को तमिलनाडु के सिवाकासी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुना गया और साथ ही वह मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में सबसे कम उम्र की महिला मंत्री बन गई। अपना सफर छोटे शहर की साधारण माँ-बाप के घर से शुरू करके, उन्होंने शिक्षा, राजनीति और सामाजिक कार्य में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। कीर्तना ने अपने साहस और कड़ी मेहनत से कई बाधाओं को तोड़ा, और अब वह अपने पाँच भाषाई कौशल से भारतीय राजनीति में एक अनूठी पहचान बना रही हैं। कीर्तना का जन्म सिवाकासी के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था, जहाँ उन्होंने शुरुआती पढ़ाई स्थानीय विद्यालयों में की। बाद में उन्होंने बियॉन्ड एग्जीक्यूटिव डिग्री पूरी की और कई विश्वविद्यालयों में शिक्षा को आगे बढ़ाया। अपने शैक्षणिक सफर के दौरान ही उन्होंने विभिन्न भाषाओं में दक्षता हासिल की; हिंदी, तमिल, अंग्रेज़ी, फ्रेंच और पुर्तगाली में प्रवाह ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संवाद करने में सक्षम बनाया। यह बहुभाषी योग्यता उन्हें विशेष रूप से अलग बनाती है, क्योंकि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के किसानों, कारख़ानाधारियों और उद्यमियों को अपनी मातृभाषा में समझा सकती हैं, साथ ही केंद्र के विभिन्न भाषाई समूहों के साथ भी सहजता से जुड़ सकती हैं। राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने से पहले कीर्तना ने विभिन्न सामाजिक संगठनों में स्वयंसेवा किया, जहाँ उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर काम किया। इस अनुभव ने उन्हें जनसमुदाय के साथ जुड़ने की कला सिखाई और उनके नेतृत्व कौशल को निखारा। 2024 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने भाजपा-सहयोगी गठबंधन के समर्थन से चुनाव लड़ा और बड़ी बहुमत से जीत हासिल की। जीत के बाद, मुख्यमंत्री एन.वी. विजय ने उन्हें राज्य के सबसे युवा महिला मंत्री के रूप में नियुक्त किया, जहाँ वह शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों से संबंधित प्रमुख विभागों की देखरेख करेंगी। कीर्तना की सफलता का असर केवल उनके व्यक्तिगत करियर तक सीमित नहीं है; यह तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने का एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है। उनके सहयोगियों का मानना है कि उनकी बहुभाषी क्षमता नीति निर्माण में विविधता लाएगी और विभिन्न सामाजिक वर्गों की आवाज़ों को प्रमुखता से सुना सकेगी। साथ ही, उन्होंने अपने गृह नगर सिवाकासी के विकास के लिए कई योजनाएं प्रस्तुत की हैं, जैसेकि छोटे उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता, शैक्षिक संस्थानों का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार, जिससे स्थानीय जनजीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। भविष्य को देखते हुए, एस.कीर्तना ने कहा है कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए काम करना जारी रखेंगी और तमिलनाडु के विकास में अपना योगदान देंगी। पाँच भाषाओं में प्रवाह, युवा ऊर्जा और सामाजिक संवेदना के साथ वह न केवल अपने चुनावी दल के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन गई हैं। उनकी कहानी यह सिखाती है कि निरंतर मेहनत और बहु-भाषी क्षमता से राजनीति में नई ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया जा सकता है।