वेस्ट बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों का तेज़ी से चल रहा माहौल अचानक खून के साये में बदल गया। सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख नेता सुवेन्दु अधिकारि के सहायक चंद्रनाथ रथा की गुप्तहत्या ने राज्य में उथल-पुथल मचा दी। यह दुर्घटना न केवल राजनीतिक तनाव को बढ़ा देती है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को भी कड़ी जांच में लगा देती है। रात के समय, सुवेन्दु अधिकारि के प्रमुख सहयोगी चंद्रनाथ रथा, जो पहले एयर फोर्स के अनुभवी अधिकारी थे, को एक सडकों पर गाड़ी चलाते हुए गोली मार कर मार दिया गया। गवाहों ने बताया कि बिंदु से बिंदु तक गोलियों की बौछार हुई, और रथा को तुरंत ही घातक चोटें आईं। घटना स्थल पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, कई बायकों और एक एसयूवी को रोककर उनके वाहन को जब्त कर लिया। इस दौरान बरामदे पर छिड़काव की गई गोलियों के कई टुकड़े भी पाए गए। पुलिस ने जांच के तहत कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया और हत्या के पीछे के साजिश को उजागर करने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी। इस हत्या के पीछे के कारणों को लेकर कई अन्वेषण शुरू हुए हैं। टिंडी होने का आरोप प्रधानमोत्री कांग्रेस (टीएमसी) पर लगाया गया है, जबकि भाजपा ने इसे राजनीति के अंतरंग कूटनीतिक संघर्ष का हिस्सा बताया। तथापि, प्राथमिक जांच में पता चला है कि हत्या कम से कम तीन-चार दिनों से योजना बनाकर की गई थी, और दोनों पक्षों से गनफायर की घटना हुई। यह मामला न केवल चुनावी माहौल को बेपर्दा करता है, बल्कि law and order की स्थिति को भी गंभीर चुनौती देता है। पुलिस ने बताया कि वर्तमान में सुवेन्दु अधिकारि की सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं, और चयनित वॉरंटी के तहत विभिन्न सुरक्षा टीमों को तैनात किया गया है। साथ ही, राजनीतिक दलों को अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और हिंसा से दूर रहें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया बिना किसी बाधा के चल सके। निष्कर्षतः, वेस्ट बंगाल की असेंबली चुनावी लड़ाई अब एक नई मोड़ पर पहुंच गई है। सुवेन्दु अधिकारि के प्रमुख सहयोगी की हत्या ने इस प्रदेश में राजनीतिक तनाव को और भी बढ़ा दिया है, जबकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जारी जांच से उम्मीद की जाती है कि इस हिंसा के पीछे की सच्चाई उजागर हो सकेगी और न्याय मिलता रहेगी।