पश्चिम बंगाल की राजनैतिक धूमधाम में एक और स्याह अध्याय जुड़ गया है। गठित बीजेपी की प्रमुख चेहरे सुवेन्दु अधिकारी के भरोसेमंद सहयोगी चंद्रनाथ राठ, जिन्हें अक्सर उनका "पर्सनल असिस्टेंट" कहा जाता है, 24 अप्रैल को कोयपूर के पास एक सनसनीखेज ड्रैगन रेस जैसा अंतभोग कर गया। यह घटना तभी और भी उलझनभरी बन गई जब रिपोर्टों में बताया गया कि राठ को चार मोटरसाइकिल, आठ गनस्लिंगर, और एक ब्लॉक्ड स्कॉर्पियो द्वारा घेरकर तीव्र गति से पीछा किया गया, फिर अचानक एक अंधेरी सड़कों के मोड़ पर बमबारी और गोलीबारी की गई। घटना का विस्तृत विवरण सामने आने पर पता चला कि राठ को कोयपूर गांव के पास के एक घने जंगली इलाके में एक बड़ी कार से बेतरतीब ढंग से रोक कर बंधक बनाया गया था। इस कार में दो तरह के साजो-सामान मौजूद थे – एक तरफ चार तेज़ गति वाली बाइक्स जो चारों ओर से राठ के पीछे-पीछे धुंधली रोशनी में भाग रही थीं, और दूसरी तरफ आठ बंदूकों से लैस गनमैन जो शराबी रायवाला गली तक राठ को फंसाने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय लोगों की सुनवाई में कहा गया कि जब राठ ने रास्ते को बदलने की कोशिश की, तो रहस्यमयी स्कॉर्पियो को एक अनजाने से ब्लॉक कर दिया गया, जिससे वह रुक गया और फिर उसी जगह से गोलीबारी शुरू हुई। पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड में कई संदेहास्पद व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, पर अभी तक कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिला है। पुलिस ने कहा कि चार बाइक्स के चालक और आठ गनस्लिंगर दोनों ही इस क्षेत्र के स्थानीय गँगस्टा नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं, और इस काम में एक बड़े राजनीतिक लक्ष्य की पूर्ति के लिये उनके सहयोगी हो सकते हैं। इस बीच, सांसद सुबेन्द्रू अधिकारी ने इस घटना को "दुर्दशा की चरम सीमा" कहा और पुलिस से तीव्र जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि उनका सहयोगी एक बेपरवाही नहीं था, बल्कि वह कई सार्वजनिक कार्यों और पार्टी के अभियान में मुखिया भूमिका निभाता था, और उसकी हत्या से प्रदेश में राजनैतिक उथल-पुथल बढ़ेगी। वर्तमान में इस हत्या की जांच कई चरणों में चल रही है। वेस्ट बंगाल पुलिस ने वाहन जाँच, मोबाइल डेटा ट्रैकिंग, और साक्ष्यों की लाबोरटरी जांच को प्राथमिकता दी है। साथ ही, इस मामले से जुड़े कई संभावित गवाहों को भी सुरक्षा प्रदान की जा रही है। इस जैविक तपिश में यह खबर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुकी है, क्योंकि यह स्पष्ट हो रहा है कि राजनीति, गैंगस्टर और व्यक्तिगत बदला-भरी कहानी का मिश्रण ही इस घटना को बुन रहा है। निष्कर्ष स्वरूप, चंद्रनाथ राठ की हत्या सिर्फ एक व्यक्तिगत शत्रुता नहीं, बल्कि बंगाल के राजनैतिक परिदृश्य में गहरी जड़ें जमाए हुए इंट्राक्राईन नेटवर्क का भी परिचायक है। चार बाइक्स, आठ गनमैन और ब्लॉक्ड स्कॉर्पियो की कथा इस बात की साक्षी है कि कैसे सत्ता के भूख में बेकाबू संगठित अपराध उभरता है और लोकतांत्रिक संस्थानों को धक्का देता है। अब ज़िम्मेदार पक्षों से अपेक्षा है कि इस मामले में तेज़, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर सभी जवाबदेहों को कानून के कटघरे में लाया जाए, ताकि जनता का भरोसा फिर से बना रहे।