Mewar Gavri Tradition: 40 दिन की तपस्या के बाद जलती बातियों के बीच घूमते हैं कलाकार, चूक से जुड़ी है अनोखी मान्यता
Mewar Gavri Tradition: मेवाड़ का प्रसिद्ध लोकनाट्य गवरी 40 दिनों की कठिन तपस्या और कड़े नियमों के बाद 'ग्वालन-वलावन' की अनोखी रस्म के साथ संपन्न होता है. इस दौरान कलाकार हरी सब्जी, चप्पल और परिवार से दूर रहकर सात्विक जीवन जीते हैं.