भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मौसम संबंधी आकलन पुष्टि करते हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर राज्य के शेष हिस्सों से भी मानसून की पूरी तरह वापसी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। यह बदलाव वर्षा ऋतु के समापन का प्रतीक है, जिससे राज्य के पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने की दिशा में बढ़ रहा है.
पिछले सत्र के दौरान मौसमी प्रगति की समीक्षा करते हुए, मौसम विशेषज्ञों ने उल्लेख किया है कि वर्षा का स्थानिक वितरण असमान रहा है, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर कृषि संबंधी चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। इस मानसून चक्र के दौरान ऐतिहासिक वर्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण अंतराल देखे गए, जिससे कई जिलों में फसलों के विकास पर असर पड़ा। जैसे-जैसे मौसमी हवाएं वापस लौट रही हैं, राज्य साफ आसमान और दिन के समय तेज सौर विकिरण वाले शुष्क दौर में प्रवेश कर रहा है.
राज्य भर में वर्तमान जमीनी हकीकत और तापमान के आंकड़ों की जांच करने पर, मौसम केंद्रों ने लगातार गर्मी दर्ज की है, जिसमें फलोदी में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दिन के समय चिलचिलाती धूप के बावजूद, रात का तापमान निवासियों को राहत की एक स्पष्ट अनुभूति करा रहा है। अगले पांच दिनों तक, मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अधिकतम तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा और यह काफी हद तक स्थिर रहेगा.
किसानों, स्थानीय व्यापारियों और नागरिक प्रतिनिधियों सहित समुदाय के हितधारकों ने लंबी शुष्क अवधि और कृषि पर इसके प्रभावों को लेकर बढ़ती चिंता व्यक्त की है। कृषि समुदायों का कहना है कि फसल पकने के नाजुक चरणों के दौरान पर्याप्त नमी की कमी आने वाले बुवाई कार्यक्रमों को प्रभावित कर सकती है। स्थानीय व्यावसायिक क्षेत्र बताते हैं कि मौसमी अनिश्चितताएं ग्रामीण क्रय शक्ति को गहराई से प्रभावित करती हैं, जिससे आर्थिक स्थिरता के लिए समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक हो जाता है.
जयपुर और बीकानेर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों सहित पूरे राजस्थान में क्षेत्रीय प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह लंबी शुष्क अवधि जल भंडारों और कृषि इनपुट की सावधानीपूर्वक निगरानी की मांग करती है। इन क्षेत्रों के समुदाय किसी भी वायुमंडलीय बदलाव से पहले शुष्क मौसम के थोड़े और बने रहने की तैयारी कर रहे हैं। गर्म दिनों और ठंडी रातों के इस संयोजन के कारण निवासियों को अपनी दैनिक गतिविधियों और ऊर्जा उपभोग पैटर्न को तदनुसार समायोजित करने की आवश्यकता है.
कई क्षेत्रों में दर्ज की गई कम बारिश के जवाब में, प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे राज्य में व्यापक सर्वेक्षण की योजना शुरू कर दी है। आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि 34 जिलों में फैली 117 तहसीलों के लिए सूखे जैसी स्थिति का एक व्यापक सर्वे औपचारिक रूप से प्रस्तावित है। राज्य का प्रशासनिक तंत्र कृषि नुकसान और भूजल स्तर में गिरावट का आकलन करने के लिए तैयार हो रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लक्षित राहत उपाय सबसे अधिक प्रभावित आबादी तक पहुंच सकें.
आगे के दृष्टिकोण और आगामी मौसम समयसीमा को देखते हुए, आईएमडी का अनुमान है कि 3 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और वर्तमान में किसी भी जिले के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, उत्तरी राजस्थान से शुरू होने वाले 6 अक्टूबर की शाम या रात को मौसम में एक महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है। इसके बाद, 7 और 8 अक्टूबर को कुछ उत्तरी और पूर्वी जिलों में छिटपुट से लेकर हल्की बारिश संभव है, तथा 9 से 11 अक्टूबर के बीच आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है.