सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के तहत, राजस्थान सरकार ने आगामी 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी संरक्षित संग्रहालयों और स्मारकों में भारतीय तथा विदेशी पर्यटकों के लिए निःशुल्क प्रवेश की घोषणा की है।
प्रतिवर्ष 27 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व पर्यटन दिवस वैश्विक स्तर पर पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्व के बारे में जनचेतना फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारकों के द्वार निःशुल्क खोलकर सरकार का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ना है।
इस विशेष अवसर पर प्रशासनिक और सांस्कृतिक गतिविधियां मुख्य रूप से जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर केंद्रित रहेंगी। राजधानी जयपुर के विश्वविख्यात आमेर महल और प्राचीन खगोलीय वैधशाला जंतर-मंतर जैसे ऐतिहासिक धरोहर स्थलों पर आगंतुकों के लिए विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे पर्यटकों का अनुभव और अधिक समृद्ध हो सके।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों, इतिहास प्रेमियों और स्थानीय हितधारकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इस प्रकार के कदमों से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे वैश्विक उत्सवों के दिनों में निःशुल्क प्रवेश मिलने से प्रदेश की वैश्विक छवि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
इस व्यापक पर्यटन पहल का प्रभाव केवल जयपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कोटपूतली-बहरोड़ सहित आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्प विक्रेताओं और आतिथ्य सेवा प्रदाताओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है, क्योंकि पर्यटक इन मार्गों से भी होकर गुजरते हैं।
इस विशेष दिन पर आने वाले भारी पर्यटकों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन, स्मारक अधीक्षकों और सुरक्षा बलों द्वारा पुख्ता तैयारियां की जा रही हैं। प्रमुख स्थलों पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और पर्यटकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और पर्यटन हितधारकों को पूरी उम्मीद है कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर की गई यह पहल आगामी मुख्य पर्यटन सीजन के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी और प्रदेश में सांस्कृतिक पर्यटन को दीर्घकालिक गति प्रदान करेगी।