पाली शहर के प्यारा चौक में आयोजित ग्यारहवीं शरीफ की एक धार्मिक दावत में भोजन करने के बाद दो सौ पचास से अधिक लोग गंभीर रूप से फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस बड़े आयोजन में एक हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था, लेकिन रात ढलते ही दावत में परोसा गया भोजन ज़हरीला साबित हुआ और लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिससे एक बड़ा स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया।
ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर आयोजित यह पारंपरिक दावत प्यारा चौक इलाके में संपन्न हुई थी, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एकत्र हुए थे। इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही अक्सर भारी पड़ती है, और इस बार भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ बीमार होने से सामुदायिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रात बारह बजे के बाद अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतों के साथ मरीजों के अस्पताल पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो सुबह तक जारी रहा। बांगड़ अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में अचानक इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चिकित्सा कर्मियों को गंभीर स्थिति से निपटने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ और बिस्तर की कमी के कारण अत्यंत दयनीय स्थिति उत्पन्न हो गई, जहां डॉक्टरों और चिकित्सा स्टाफ को मजबूरी में एक ही बेड पर तीन-तीन मरीजों का इलाज करना पड़ा। इस अमानवीय और विकट परिस्थिति को देखकर मरीजों के परिजनों में गहरा रोष व्याप्त हो गया, जिन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर व्यवस्था पर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
इस प्रकार की स्वास्थ्य आपदाओं का असर केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कोटपूतली-बेहड़ोर सहित आसपास के संपूर्ण प्रशासनिक क्षेत्रों में जनस्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति चिंताएं बढ़ा देता है। ऐसे आयोजनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए स्थायी दिशा-निर्देशों और कड़ी प्रशासनिक निगरानी की मांग लगातार जोर पकड़ रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने तुरंत हरकत में आते हुए बांगड़ अस्पताल का दौरा किया और वहां चल रहे उपचार का जायजा लिया। अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि सभी पीड़ितों को त्वरित और उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी मरीज को दवाइयों या उपचार के अभाव का सामना न करना पड़े।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दावत में परोसे गए भोजन के नमूने एकत्र किए और उन्हें विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन या लापरवाही के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जबकि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।