अरुणाचल प्रदेश में मातृभूमि की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले अग्निवीर समुद्र गुर्जर की पवित्र अस्थियां अलवर पहुंच गई हैं। इस दौरान समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और अपने वीर सपूत को नमन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। इटाराना सैनिक छावनी में सैन्य अधिकारियों और जवानों द्वारा पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ शहीद को श्रद्धांजलि दी गई। इसके उपरांत, उनकी अंतिम यात्रा अत्यंत भावुक माहौल में उनके पैतृक गांव केसपुरा के लिए रवाना की गई।
यह हृदयविदारक घटना अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम दिबांग वैली क्षेत्र में घटित हुई, जहां अचानक हुए प्राकृतिक हादसे ने एक होनहार जवान को हमसे छीन लिया। वहां बादल फटने के बाद आई भीषण बाढ़ की चपेट में आने से अग्निवीर समुद्र गुर्जर शहीद हो गए थे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदा के बीच कर्तव्य पथ पर डटे रहते हुए इस वीर जवान ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिससे पूरा प्रदेश और देश स्तब्ध है।
अस्थियों के अलवर जिले में पहुंचने के बाद इटाराना सैनिक छावनी में पूर्ण सैन्य गरिमा के साथ श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सेना के जवानों और अधिकारियों ने शहीद अग्निवीर समुद्र गुर्जर को अंतिम सलामी दी और उनके समर्पण को नमन किया। सैन्य छावनी में औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, शहीद की अस्थि कलश यात्रा को पैतृक गांव केसपुरा की ओर रवाना किया गया, जहां मार्ग में कई स्थानों पर लोगों ने नम आंखों से पुष्प अर्पित किए।
वीर जवान समुद्र गुर्जर अपने परिवार में दो बहनों के इकलौते भाई थे। उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। दो बहनों के इकलौते भाई के असमय चले जाने से परिवार की आंखें नम हैं। इस कठिन समय में ढांढस बंधाने के लिए गांव व आसपास के ग्रामीण शहीद के घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अंतिम यात्रा के केसपुरा पहुंचने पर वहां का दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था। केसपुरा गांव के बस स्टैंड पर सर्व समाज के महिला, पुरुष एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अपने अमर शहीद का स्वागत और अभिनंदन करने के लिए ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से पुष्प वर्षा की और शहीद पर फूलों की बारिश कर अपनी भावांजलि अर्पित की। समूचा वातावरण वीर जवान की याद में गमगीन हो उठा।
केसपुरा और इसके आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में इस शहादत को लेकर गहरा दुख व्याप्त है। ग्रामीण क्षेत्रों में सैन्य सेवा के प्रति अपार सम्मान की परंपरा रही है और समुद्र गुर्जर के बलिदान ने इस भावना को और अधिक सुदृढ़ किया है। गांव के प्रत्येक नागरिक ने नम आंखों से अपने लाडले को विदा किया और उनके इस अतुलनीय बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प दोहराया।
केसपुरा में आयोजित अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के साथ ही पूरा क्षेत्र अपने अमर शहीद की स्मृतियों को संजोए हुए है। ग्रामीणों और विभिन्न वर्गों के लोगों द्वारा दी गई यह विदाई वीर जवान के प्रति जनमानस के अगाध प्रेम और सम्मान को दर्शाती है। संपूर्ण इलाका इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और अमर शहीद समुद्र गुर्जर की शहादत को नमन कर रहा है।