विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान दक्षिण 24 परगना में कुल पंद्रह मतदान केंद्रों में फिर से मतदान (रिपॉल) शुरू हो गया है, जब भारतीय चुनाव आयोग (एसीआई) ने इन केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया में अनुशासनहीनता और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) में गड़बड़ी के संदेह को देखते हुए पुनः मतदान का आदेश जारी किया। यह कदम कई राजनीतिक दलों और मतदाता संगठनों को आश्चर्यचकित कर रहा है, क्योंकि इस प्रकार के आदेश आमतौर पर तभी लिए जाते हैं जब स्पष्ट स्वर में अवैध कार्य या तकनीकी खामियां सामने आती हैं। एसीआई ने बताया कि रिपॉल का फोकस केवल आर्थिक एवं तकनीकी त्रुटियों को ठीक करना है, ताकि हर नागरिक का मत सही ढंग से गिना जा सके और चुनाव की सच्ची वैधता बनी रहे। रिपॉल के आदेश के बाद, दक्षिण 24 परगना के विभिन्न गाँवों में मतदान केंद्रों पर पुनः चुनाव प्रक्रिया प्रारम्भ हुई। यहाँ के मतदान अधिकारी ने ईवीएम की पुनः जांच, बॉक्स के ताले खोलकर जाँच, तथा बॉल्ट बॉक्स की अटूटता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम तैयार की है। कई दल, विशेषकर विपक्षी दल, ने इस कदम को अराजकता का संकेत माना है और एसीआई के निर्णय पर सवाल उठाया है। वहीं, विपक्षी दलों ने यह भी कहा कि यह कदम केवल उन केंद्रों पर लागू किया गया है जहाँ चुनाव में गड़बड़ी के स्पष्ट संकेत मिले थे, और बाकी सभी केंद्रों में मतदान सामान्य रूप से जारी रहेगा। रिपॉल के कारण हुए मतदाता भ्रम को कम करने के लिये, एसीआई ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर पुनः मतदान की तिथियों और समय सीमाओं को स्पष्ट किया है। अब मतदाताओं को अपने दावेदारी पहचान पत्र के साथ फिर से मतदान केंद्र पर जाना होगा, और उन्हें पहले की अदायगी और नई वोटिंग मशीन पर कोई भी संशय नहीं रहेगा। साथ ही, एसीआई ने यह भी कहा कि पुनः मतदान के दौरान सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की पूर्ण तकनीकी जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस फैसले के बाद, कई राजनीतिक विश्लेषकों ने कहा कि रिपॉल का आदेश चुनाव की निष्पक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, क्योंकि इससे मतदाता भरोसा पुनः स्थापित हो सकता है। हालांकि, यह भी कहा गया कि अगर इस प्रक्रिया में किसी भी प्रोक्यूरेशन (धोखाधड़ी) का खुलासा नहीं हुआ तो इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। अंत में, एसीआई ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस पुनः मतदान प्रक्रिया में सहयोग दें और वैध चुनावी प्रक्रिया को सुगम बनाएं, ताकि 2026 के विधानसभा चुनावों की सच्ची भावना और परिणाम सुरक्षित रह सके।