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Breaking News: जबलपुर में नौका दुर्घटना: गंभीर मौसम में जलजीवन जैकेट के अभाव में पर्यटकों की मारा गया हृदयभंग
🕒 1 hour ago

जबलपुर के नर्मदा नदी तट पर एक त्रासद दुर्घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। खराब मौसम, तेज़ लहरें और जलजीवन जैकेट के अभाव ने मिलकर एक सविवार को रात के सन्नाटे में बदल दिया। घटना के कुछ क्षणों को दर्शाते हुए एक वायरल वीडियो में दिखा गया है कि कैसे समूह में सैर कर रहे पर्यटक, हँसी-ठिठोली के साथ बोट में सवार हो रहे थे, जबकि पीछे नज़र में हवा और पानी के उछाल को नज़रअंदाज़ किया जा रहा था। बोट के उछाल के साथ ही अचानक बोट उल्टी और कई लोगों का डूबना हुआ, जिससे कई मौतें और कई गंभीर चोटें दर्ज की गईं। विडियो में स्पष्ट रूप से दिखता है कि बोट में किसी को भी जीवनरक्षक जैकेट नहीं दिया गया था। स्थानीय अधिकारियों ने बाद में बताया कि बोट की अनुमति जबरदस्ती जारी की गई थी और मौसम की पूर्व सूचना को भी अनदेखा किया गया। इस त्रासदी में कई परिवारों ने अपनी प्रियजनों को खो दिया, जबकि कुछ लोग बचे रहने के बाद भी शारीरिक और मानसिक चोटों से जूझ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, बोट पर सवार अधिकांश लोग पर्यटक थे, जो इस सुंदर नदी के किनारे जल यात्रा का आनंद लेने आए थे, परन्तु अनपेक्षित हवाओं और तेज़ धारा ने उन्हें अचानक हकीकत में धकेल दिया। दुर्भाग्यवश, इस हादसे में मृतकों की पहचान जल्द ही पुष्टि हो गई। कई परिवारों ने बताया कि उनका बच्चा या बुजुर्ग सदस्य पानी में समा गया, जबकि कुछ की लाशें बोट के नीचे से निकाली गईं, जहाँ उन्हें एक-दूसरे को थामे हुए पाया गया। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर रही हैं, जहाँ लोग इस घटना के प्रति गहरा दुःख और सरकार से अपील कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी लापरवाही फिर न हो। जिला प्रशासन ने घटना के बाद एक विशेष जांच टीम गठित कर दी है, जिसमें जल सुरक्षा विशेषज्ञ, पुलिस और जल प्रबंधन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। इस टीम को जलजीवन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, बोट के आयात और निरीक्षण प्रक्रिया और मौसम विभाग से प्राप्त चेतावनियों की जांच का आदेश दिया गया है। साथ ही पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक सहायता और चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का भी वादा किया गया है। संक्षेप में, जबरदस्ती बोट चलाना, जीवनरक्षक उपकरणों का अभाव और मौसम की अनदेखी ने इस विनाशकारी दुर्घटना को जन्म दिया। इस त्रासदी से यह सीख मिलती है कि जल सुरक्षा नियमों का कड़ायती पालन आवश्यक है, विशेषकर पर्यटकों की सुरक्षा के लिहाज़ से। जनता से अपील है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता बरती जाए और सरकार जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी सजा देकर इस तरह की लापरवाहियों को समाप्त करे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 01 May 2026