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Breaking News: होरमुज जलगाँठ पर तनाव: इज़राइल-ईरान के बीच संघर्ष, अमेरिकी उपस्थिति समाप्त करने का इरान का दृढ़ संकल्प
🕒 1 hour ago

इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य टकराव की खबरों ने फिर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर गरमागरम बहस को जन्म दिया है। इस संघर्ष के बीच, ईरान के संसद के स्पीकर मौलाना अहमद गालिबाफ ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि "होरमुज जलगाँठ अमेरिकी सैनिक उपस्थितियों से मुक्त हो जाएगी"। इस बयान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसैनिक प्रभाव को समाप्त करने की ईरानी नीति को स्पष्ट रूप से उजागर किया है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। गालिबाफ के इस बयान का संदर्भ ईरान के सुप्रींम लीडर आयतेला अल-खामेनेई के आधिकारिक वक्तव्य से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भी होर्मुज जलगाँठ को "अमेरिकी दमन से मुक्त" करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। ईरान ने कई बार इस जलगाँठ को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया है, जहाँ अंतरराष्ट्रीय तेल के बड़े हिस्से का परिवहन होता है। अमेरिकी नौसैनिक जहाज़ों की मौजूदगी को खत्म करने के उद्देश्य से ईरान ने समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने और संभावित अमेरिकी हमले का प्रतिरोध करने की रणनीति को अपनाया है। वर्तमान में इज़राइल और ईरान के बीच कई हवाई और समुद्री जाँच-पड़तालें हो रही हैं, जिसके कारण क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि देखी जा रही है। विश्व प्रमुख समाचार एजेंसियों ने बताया है कि ईरान ने अपने मिसाइल और ड्रोनों को समुद्री क्षेत्रों में सक्रिय कर दिया है, जिससे संभावित अमेरिकी नौसैनिक जहाज़ों को निशाना बनाया जा सकता है। वहीं, इज़राइल ने भी अपने पोतीस नई रीति-नीति के तहत ईरानी नौसैनिक गतिविधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का इरादा जाहिर किया है। इन घटनाओं के बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ऐसे तनाव को शांत करने की पुकार की है। कई देशों ने ईरान और इज़राइल दोनों से अपील की है कि वे संवाद के माध्यम से विवाद को सुलझाएं और होर्मुज जलगाँठ को शांतिपूर्ण ढंग से बनाए रखें। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस मुद्दे पर आपातकालीन चर्चा करने का प्रस्ताव रखा है, ताकि किसी बड़े संघर्ष को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए जा सकें। संक्षेप में कहा जाए तो, होर्मुज जलगाँठ पर ईरान का नया रुख न केवल अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति को समाप्त करने का लक्ष्य रखता है, बल्कि यह इज़राइल-ईरान के बीच जारी तनाव को और भी गंभीर बना रहा है। इस तनाव का समाधान तभी संभव हो सकता है जब सभी पक्ष संवाद स्थापित करके एक स्थायी और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करें।

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✍️ By Pradeep Yadav | 30 Apr 2026