बेंगलुरु के हृदय में स्थित सेंट्रल बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) पर 27 अप्रैल को आई जबरदस्त वर्षा और ओले की बवंडर ने शहर पर नया अप्रैल का रिकार्ड लगा दिया। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि एक ही दिन में 111 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो इस महीने के अभूतपूर्व आंकड़े हैं। इस तीव्र वर्षा के साथ तेज़ हवाओं और बर्फ़ीले ओले ने शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों को ख़राब कर दिया, जिससे जनता में भय और घबराहट का माहौल बन गया। बारिश की तीव्रता ने सड़कों को जलमग्न कर दिया, कई जगहें जलजड़ाव के कारण प्रकट नहीं हो पाईं। ईटीसीएस, वनस्पति उद्यान, कर्नाटक हाई कोर्ट के एडवोकेट जनरल कार्यालय और कई सरकारी भवनों के बाहर के हिस्से ग़ैर‑सुविधाजनक रूप से जलधार में बदल गए। विशेष रूप से CBD के मशहूर कोयथ स्ट्रीट पर स्थित कई पुस्तकालयों और दुकानें बाढ़ से प्रभावित हुईं। डेकन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, चर्च स्ट्रीट के एक बुकस्टोर में लगभग पाँच हजार पुस्तकों को ओले ने नुकसान पहुंचाया, जिससे साहित्य प्रेमियों के लिए यह दशा अत्यंत दुखद रही। बारिश के साथ गिरते भारी ओले ने 226 पेड़ों को नीचे गिरा दिया, कई बड़े पेड़ तड़कों के साथ उखड़ गए और सड़कें शाखाओं और पत्तियों से भर गईं। इन गिरे हुए पेड़ों की सफ़ाई के लिए नगर निगम ने आपातकालीन टीमें तैनात कर सफ़ाई कार्य शुरू किया, परन्तु अभी भी कई शाखाओं की निकासी बाकी है। इस नाज़ुक स्थिति में यातायात जाम और दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई गाड़ी चालक और पैदल यात्री अचानक उछाल वाले ओले और तेज़ हवाओं के कारण नियंत्रण खो बैठते हैं, जिससे कई दुर्घटनाएं हुईं। सड़क सुरक्षा के साथ-साथ, इस बवंडर ने सार्वजनिक सुरक्षा पर भी गहरा प्रभाव डाला। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि इस बारिश और ओले के कारण 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ गहरी चोटिल भी रहे। कई अस्पतालों में आपातकालीन विभाग की भीड़ बढ़ी, जहां घायल लोगों को तुरंत उपचार प्रदान किया गया। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि तेज़ वायुदाब और अचानक गिरते बर्फ़ीले ओले ने निर्माण कार्यों को भी बाधित किया, जिससे कई निर्माण स्थल पर काम रुक गया। संपूर्ण स्थिति को देखते हुए नगर निगम और राज्य सरकार ने आपातकालीन उपायों की घोषणा की है। जल निकासी के लिए अतिरिक्त पंप लगाए जा रहे हैं, जबकि बाढ़ की स्थिति में निकासी योजनाओं को सक्रिय किया गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अब भी मौसम के परिवर्तनशील स्वरुप के कारण आगे और भी असामान्य वर्षा हो सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। इस घटना ने बेंगलुरु के शहरी बुनियादी ढांचे की कमजोरी को उजागर किया है और भविष्य में इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अधिक सक्रिय एवं सतत योजना बनाने की जरूरत को रेखांकित किया है।