अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़, को फिर से खोलने का प्रस्ताव इरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को दी गई शर्तों के साथ पेश किया है। यह खबर कई प्रमुख मीडिया हाउसेस ने प्रकाशित की है, जिनमें द इंडियन एक्सप्रेस, अल जज़ीरा, द न्यूयॉर्क टाइम्स, एनडीटीवी और सीएनबीसी शामिल हैं। इस प्रस्ताव के पीछे के कारण और शर्तें, तथा ट्रम्प प्रशासन की प्रतिक्रिया, इस लेख में विस्तृत रूप से प्रस्तुत की जा रही है। इंटरव्यू और रिपोर्टों के अनुसार, इरान ने तीन प्रमुख शर्तें निर्धारित की हैं जिनके पूरा होते ही होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खुला माना जाएगा। पहली शर्त है कि अमेरिकी सेना को इस क्षेत्र में अपनी नौसेना की तैनाती को घटाया जाए और इरानी जल-रक्षा बल को अपने क्षेत्रीय अधिकारों को सुरक्षित रखने की पूरी स्वतंत्रता दी जाए। दूसरी शर्त के तहत, इरान चाहता है कि अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाया जाए, विशेषकर उन आर्थिक प्रतिबंधों को जिनका असर इरान के तेल निर्यात और वित्तीय लेन-देन पर पड़ा है। तीसरी शर्त में अमेरिकी राष्ट्रपति को इरान के साथ एक व्यापक समझौता करने की मांग की गई है, जिससे मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया को गति मिल सके और यूएस-इज़राइल संबंधों में बदलाव आए। इन शर्तों पर चर्चा करने के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इरान की पेशकश को "डिससफैक्टेड" कहा और कहा कि वे इस प्रकार की शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे। न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प इस प्रस्ताव से असंतुष्ट हैं क्योंकि इसका मतलब होगा अमेरिकी रणनीतिक हितों में बड़ा परिवर्तन और मध्य पूर्व में अमेरिकी बल का घटना। इसी बीच, अल जज़ीरा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से भी होर्मुज़ को पुनः खोलने की पुकार की गई है, क्योंकि इस जलमार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल कीमतें बढ़ी हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। इंफ़ॉर्मेशन की विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस के अंदर इरान के प्रस्ताव पर बहस चल रही है। सीएनबीसी के अनुसार, ट्रम्प ने अपने प्रमुख सहायक अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की और कहा कि वे इरान की शर्तों को लेकर कड़े तौर-तरीके अपना रहे हैं। एनडीटीवी ने बताया कि इरानी प्रतिनिधि मंडल ने इस प्रस्ताव को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रस्ते खोलने के एक कदम के रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे तेल परिवहन की सुरक्षा और विश्व बाजार में स्थिरता आएगी। निष्कर्ष स्वरूप, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पुनः खोलने के लिए इरान ने तीन स्पष्ट शर्तें रखी हैं, जिनमें अमेरिकी सैन्य उपस्थिति की कमी, आर्थिक प्रतिबंधों का हटाना और एक व्यापक शांति समझौता शामिल है। जबकि इरान इस कदम को क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास का उपकरण मान रहा है, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को नकारते हुए कहा है कि वे इन शर्तों को नहीं मानेंगे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस विकास को निकटता से देख रहा है, क्योंकि होर्मुज़ का खुलना न केवल तेल बाजार को बल्कि सम्पूर्ण वैश्विक व्यापार प्रणाली को प्रभावित करेगा।