अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इरान के खिलाफ बिना कांग्रेस की स्वीकृति के सैन्य अभियानों को आगे बढ़ाते हुए विवाद को नया स्तर दिया है। विदेश नीति विशेषज्ञों और कानूनी विद्वानों का मानना है कि अमेरिकी संविधान की धारा 51 के तहत कांग्रेस को युद्ध की घोषणा का अधिकार मिलता है, और कई देशों में ऐसे गैर-प्राधिकृत युद्धों पर 60‑दिन की सीमित अवधि लागू होती है। अब ट्रम्प प्रशासन के इस अनधिकृत कार्यकाल का समय समाप्त होने को ही आया है, जिससे विदेश नीति और घरेलू राजनीति दोनों में धूमधाम मची हुई है। जैसे ही मई के पहले सप्ताह में 60‑दिन की सीमा समाप्त होगी, अमेरिकी कांग्रेस और न्यायपालिका से इस पर सवाल उठाने की संभावना बढ़ गई है। कई सांसदों ने राष्ट्रपति को इस सीमा का सम्मान करने और कांग्रेस के अधिकार को मानने की पुकार की है। अगर ट्रम्प इस सीमा को तोड़ते हुए और अधिक सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो वह संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ माना जाएगा, जिससे impeachment (विभाजन) की प्रक्रिया तेज़ हो सकती है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेषकर यूरोपीय देशों और मध्य पूर्वी राष्ट्रों ने इस अनधिकृत युद्ध को निंदा किया है, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव और उष्मा बढ़ सकती है। इस बीच, इरान ने भी अपने राष्ट्र की रक्षा के लिए उत्तरकृत्य में समर्थन दिखाते हुए, अमेरिकी बलों को बैरोज़गार करने और कूटनीतिक समाधान की राह दिखाने का आह्वान किया है। इरान की सेना ने कहा है कि वह किसी भी अमेरिकी सैन्य प्रयोग को सहन नहीं करेगी और आवश्यक रूप से प्रतिक्रिया देगी। यह परिस्थितियों को और अधिक उग्र बना सकता है, खासकर जब सीमा के समाप्त होने के बाद भी सैन्य संघर्ष जारी रहेगा। सारांश में, 60‑दिन की समय सीमा के समाप्त होने से ट्रम्प प्रशासन को दो मुख्य चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा- एक ओर विधायी प्रमुखता की बाध्यता और दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का प्रबंधन। यदि ट्रम्प इस सीमा का सम्मान नहीं करते और आगे भी अनधिकृत युद्ध जारी रखते हैं, तो यह अमेरिकी लोकतंत्र के सिद्धांतों को गंभीर जोखिम में डाल सकता है और संभवतः राजधानी वाशिंगटन में बड़े राजनीतिक झटकों का कारण बन सकता है। इसलिए, आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया, न्यायिक जांच और अंतरराष्ट्रीय दबाव इस मुद्दे को तय करेंगे कि क्या ट्रम्प की इरान के खिलाफ अनधिकृत लड़ाई का अंत होगा या वह नई राजनयिक जंग की ओर बढ़ेगा।