पुने के नज़दीकी लोहगढ़ पहाड़ी बाग़ में हुई एक ट्रेकिंग कारनामा ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। 28 वर्षीय केतन अग्रवाल, जो अपने दोस्तों के साथ साहसिक यात्रा पर निकले थे, अचानक एक अंधाधुंध हत्या का शिकार बने। इस हत्या की जटिल जाँच में पुलिस ने कई नई तकनीकों का सहारा लिया, और ठंडी सतह पर पड़ी एक साधारण हुडी ने केस को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। जैसे ही पुलिस ने हत्याकांड की शुरूआत की, उन्होंने तुरंत ही लोहगढ़ के मुख्य एंट्री पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्रित की। उस फुटेज में दिखाया गया कि कैसे दो अजनबी पुरुषों ने केतन के साथ झगड़ा किया और उसे बिन चेतावनी के धकेलकर नीचे गिरा दिया। इस दौरान एक पुरुष ने अपने गले में एक काली हुडी पहनी हुई थी, जो बाद में पहचान के लिये महत्वपूर्ण साक्ष्य बन गई। मौसम के तेज़ 33°C तापमान में यह हल्की कापड़ की हुडी सूखे पत्तों और धूप में धुली हुई शेष रह गई, जिससे पुलिस को उसकी पहचान में मदद मिली। जांच के अगले चरण में, पुलिस ने फोरेंसिक विभाग से हुडी पर मिलने वाले फाइबर, डीएनए और वैरिएबल लूपिंग सिग्नेचर का विश्लेषण करवाया। परिणामस्वरूप दो संदिग्धों के नाम सामने आए, जिनमें केतन की स्वयं की परिचित, एक महिला भी शामिल थी, जो अपने भावी व्याही के साथ झगड़े के बाद अपराध में भागीदारी के आरोप में गिरफ्तार हुई। इस महिला ने पहले सोशल मीडिया पर अपने प्रेमी के साथ रोमांटिक पोस्ट शेयर किए थे, जिससे यह बात स्पष्ट हुई कि हत्या का मकसद व्यक्तिगत द्वेष और लालच था। अंत में, पुलिस ने सबूतों की मदद से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में रखा। अदालत ने आगे के सुनवाई के लिये उन्हें जमानत नहीं दी, जिससे सच्ची न्यायिक प्रक्रिया की राह साफ हो गई। इस घटना ने ट्रेकिंग प्रेमियों को सतर्क रहने और अपने साथियों की पहचान की पुष्टि करने की सलाह दी है। लोहगढ़ की हरियाली और ठंडे मौसम के बीच यह त्रासदी हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा का ध्यान कभी भी कम नहीं करना चाहिए।