राजनीतिक मंडली में हलचल का नया अध्याय लिखते हुए, रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व में एक विद्रोही समूह ने "रीयल ट्राइना मोनिया कांग्रेस" (टीएमसी) का नया कमेटी बनाकर पार्टी के भीतर हुए भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इस नई व्यवस्था ने मौजूदा नेतृत्व को धकेलते हुए, सरोजिनी नदयालिनी कोषाध्यक्ष एवं वार्षिक कार्यकारी समिति के सदस्यों को हटाया तथा पार्टी के प्रमुख अभिषेक बनर्जी को निलंबित करने का आदेश दिया। इस कदम से पहले, माताबिंदु बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन के रूप में हटाने की माँग कई बार उठायी जा चुकी थी, पर अब इस नई कमेटी ने इसे आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। नए कमेटी की घोषणा के बाद, कई जिलाध्यक्ष और एमएलए ने तुरंत इस परिवर्तन को स्वीकार किया और नई संरचना में अपने पदों की स्वीकृति व्यक्त की। रिताब्रत बनर्जी ने कहा कि यह कदम केवल व्यक्तिगत स्वार्थ को हटाकर पार्टी को फिर से जनता के भरोसे योग्य बनायेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब इस नई "रीयल टीएमसी" के तहत निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार लिए जाएंगे, जिससे सभी सदस्य अपनी आवाज़ उठा सकेंगे। इस संदर्भ में, अभिषेक बनर्जी पर लगाए गए आरोपों में पार्टी के फंडों का दुरुपयोग, चुनावी आयोग के नियमों का उल्लंघन और कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार शामिल हैं, जिसके कारण उन्हें 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। इन घटनाओं के बीच, माताबिंदु बनर्जी ने चुनाव आयोग के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि वह अभी भी पार्टी की मुख्य रणनीतिक नेता हैं और उन्हें किसी भी तरह से हटाया नहीं जा सकता। परन्तु विपक्षी दल और कई विश्लेषकों का मानना है कि इस नयी कमेटी का गठन केवल एक प्रबंधित बंटवारा है, जिसे रिताब्रत बनर्जी ने सत्ता में आने के अपने अवसर को सुदृढ़ करने के लिए प्रयोग किया है। इस प्रयास में अन्य प्रमुख दल व दिग्गज पत्रकार भी इस विकास को "पार्टी की भीतर की शक्ति संघर्ष" का एक नया रूप मान रहे हैं। निष्कर्ष स्वरूप, रिताब्रत बनर्जी की "रीयल टीएमसी" ने अपनी नई कमेटी के माध्यम से पार्टी में गहरी संरचनात्मक बदलाव लाने का इरादा जाहिर किया है। इस कदम से माताबिंदु बनर्जी को हटाकर अभिषेक बनर्जी को निलंबित करना, पार्टी के भीतर सत्ता की पुनःसमीक्षा को दर्शाता है। भविष्य में यह देखना बाकी है कि यह नया नेतृत्व कितनी सफलतापूर्वक पार्टी को पुनर्स्थापित कर पाएगा और क्या यह परिवर्तन मतदाताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप होगा।