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Breaking News: कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इरानी ड्रोन हमला: मौत, घायलों की संख्या बढ़ी, अफरातफरी का नया अध्याय
🕒 1 hour ago

कुवैत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को लक्षित करने वाले इरानी ड्रोन हमले ने इस सप्ताह सुबह ही सुरक्षा तंत्र को झकझोर दिया। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के शुरुआती विवरण के अनुसार, इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई और कई लोगों को गंभीर चोटें लगीं। सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि हमला अचानक हुआ, जिससे यात्रियों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों में व्यापक हड़कंप मच गया। इस दुर्दशा में कई विदेशी नागरिक भी घायल हुए, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ गई। हवाई अड्डे पर मौजूद सुरक्षा कैमरों से प्राप्त फूटेज में दिखता है कि धूमकेतु समान गति से उडान भरते ड्रोन ने टर्मिनल के निकट उतरते हुए विस्फोट किया, जिससे ध्वनि मिश्रित धुआँ और आग की लपटें उठीं। इस समय पर हवाई अड्डे का संचालन लगभग पूरी तरह से थाम लिया गया और सभी उड़ानें निलंबित कर दी गईं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने तुरंत क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने का आदेश दिया, जबकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की निंदा करने की अपील की। घायलों की देखभाल के लिए कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कुल मिलाकर ६३ से अधिक लोग इस हमले में घायल हुए हैं, जिनमें कई गंभीर स्थिति में हैं। अस्पतालों में रोगियों का इलाज चल रहा है, और कई शिकारों को तुरंत ही आपातकालीन सर्जरी की जरूरत पड़ी। इस बीच, एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की पुष्टि भी की गई है, जिससे भारत कुवैत के साथ मिलकर जांच को तेज करने की आवश्यकता महसूस कर रहा है। भारतीय दूतावास ने पीड़ित के परिवार को सांत्वना दी और कुवैत सरकार से सहयोग की मांग की। इस हमले के राजनीतिक प्रभाव भी स्पष्ट हो रहे हैं। कुवैत ने तुरंत इरान के खिलाफ कूटनीतिक उपायों की घोषणा की और संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और संयुक्त राज्य अमेरिका को इस घटना में सहयोग करने का आह्वान किया। इरान ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन क्षेत्र में तनाव का माहौल पहले से ही काफ़ी बिगड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ड्रोन हमले भविष्य में भी हो सकते हैं, जिससे एयरपोर्ट जैसी सार्वजनिक जगहों की सुरक्षा को लेकर नई नीतियों की आवश्यकता उत्पन्न होगी। आखिरकार, इस हमले ने कुवैत के नागरिकों और विदेशियों को गहरी डरावनी स्थिति में डाल दिया है। अब यह देखना बाकी है कि कुवैत सरकार कितनी तेज़ी से सुरक्षा उपायों को और सुदृढ़ कर पाती है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस संकट में क्या सहयोग प्रदान करता है। जबकि जांच अभी जारी है, जनता की आशा है कि ऐसी घातक्या घटनाओं को रोका जा सके और फिर कभी इस तरह की हिंसा का पुनरावृत्ति न हो।

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✍️ By Pradeep Yadav | 04 Jun 2026