इरान ने अचानक कुवैत की सीमाओं के भीतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी की, जिससे मध्य पूर्व में तनाव का गर्म मोड़ मिला। इस हमले में कई त्रेण-भेदा (मैंडर) मिसाइल और निगरानी‑ड्रोन इस्तेमाल किए गये, जो सीधे अमेरिकी सैनिकों के अड्डों की ओर बढ़े। कुवैत के आत्मरक्षा दल ने तुरंत हवाई आकाश में सक्रिय बचाव प्रणाली को तैनात किया और कई हवाई लक्ष्य को नष्ट कर दिया। परिणामस्वरूप, कोई भी अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ, लेकिन कई प्रतिष्ठित सैन्य संरचनाओं को क्षति का सामना करना पड़ा। इसी बीच, इराक के निकट स्थित कोटा वेस्ट एयरोस्पेस बेस और कूज़ा मेमोरियल बेस को विशेष लक्ष्य बनाकर बॉलिस्टिक मिसाइल और सुई-ड्रोन द्वारा हमला किया गया। इरानी दस्ते ने आधिकारिक तौर पर बताया कि यह कार्रवाई संयुक्त राज्य के मध्य पूर्व में बढ़ती अतिक्रमण नीति के जवाब में की गई है। दावे के अनुसार, इन हथियारों ने आधार के रेडियो‑लॉजिक, संचार और बख्तरबंद वाहन अभियांत्रिकी में गंभीर व्यवधान उत्पन्न किया। अमेरिकी सेना ने तुरंत मध्य कमांड को सूचना दी और कुवैत के फौजी दलों के साथ मिलकर बचाव उपायों को और सुदृढ़ किया। कुवैत की एंटी‑एयर डिफेंस प्रणाली ने इस चौंकाने वाले हमले के दौरान 12 से अधिक बिंदुओं पर एंटी‑मीसाइल शिल्ड और इंटेलेक्टुअल एंटी‑ड्रोन नेटवर्क का प्रयोग किया। कई स्रोतों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग नौ मिसाइलों और चार ड्रोन को पूर्णतः खारिज कर दिया गया, जबकि बाकी कुछ लक्ष्य क्षतिग्रस्त हो कर नीचे गिर गए। कुवैत के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय टीवी पर इस बात की पुष्टि की कि सभी हमले के बाद के क्षति बहाल करने के लिए आगे की जांचें जारी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये अतिरिक्त उपाय अपनाए जाएंगे। अमेरिकी दल ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के रूप में वर्गीकृत किया और इरानी कार्रवाई को "असंवैधानिक निरंकुशता" कहा। वॉशिंगटन ने तुरंत कूटनीतिक दबाव बढ़ाने का संकेत दिया और मध्य पूर्व में अमेरिकी सशस्त्र बलों की तत्परता को बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया। साथ ही, संयुक्त राज्य के सैन्य कमांड ने कहा कि उन्होंने प्रतिवर्ती उपायों की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें संभावित इरानी बेस पर पूर्व-स्वीकृत हवाई अभियान शामिल हो सकता है। सारांशतः, इरान द्वारा कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए तेज़ी से किए गए मिसाइल‑ड्रोन हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में नई असुरक्षा का परिचय दिया है। कुवैत की सुदृढ़ एंटी‑एयर डिफेंस प्रणाली ने बड़े पैमाने पर हवाई खतरों को रोकते हुए संभावित बड़े दुखद परिणाम को टाला, परन्तु इस घटना ने मध्य पूर्व में सैन्य तनाव को फिर से सतह पर ला दिया है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस तनाव को घटाने की दिशा में कूटनीतिक साधनों को तेज़ी से बढ़ाना होगा, क्योंकि आगे की जंगली प्रतिक्रिया दोनों पक्षों के लिये विनाशकारी परिणाम निकाल सकती है।