📰 Kotputli News
Breaking News: एनएसयूआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय में दर्ज की एक स्वतंत्र जांच की याचिका: सीबीएसई ओएसएम विवाद की पूरी सच्चाई का खुलासा
🕒 1 day ago

नई दिल्ली—पिछले हफ्ते छात्र संघ राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की, जिसमें सीबीएसई (केंद्रीय बोर्ड) के ओपन स्कॉलर्स मेट्रिक (OSM) पोर्टल में घटित घटनाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का मांग किया गया है। यह कदम उसी क्रम में आता है जब कई छात्रों और अभिभावकों ने बोर्ड द्वारा ऑनलाइन पोर्टल में आई तकनीकी खामियों, आँकड़ों में संशोधन और परिणामों की घोषणा में हुई अनियमितताओं को लेकर व्यापक विरोध प्रकट किया था। एनएसयूआई ने कहा कि इन मुद्दों को केवल बोर्ड की आन्तरिक समीक्षा से नहीं सुलझाया जा सकता; इसके लिए एक स्वतंत्र आयोग की जरूरत है जो पूरी तरह से पारदर्शी हो और किसी भी संभावित पक्षपात को समाप्त कर सके। एनएसयूई की याचिका में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को उजागर किया गया है। सबसे पहले, बोर्ड द्वारा OSM पोर्टल पर कई बार सिस्टम ग्लिच, डेटा लोडिंग में देरी और छात्र जानकारी में विसंगतियों की रिपोर्ट सामने आई। कई छात्र यह दावा कर रहे हैं कि उनके परिणामों में अनियमित परिवर्तन किए गए, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति जोखिम में पड़ गई। दूसरा, एनएसयूई ने बताया कि बोर्ड ने इन समस्याओं को ठीक करने के बाद भी कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया, न ही कोई अपडेटेड समय सारणी जारी की, जिससे छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। तीसरा, उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड द्वारा लागू किए गए आधारभूत पहचान (आधार) सत्यापन प्रक्रिया में कई बार त्रुटियों की रिपोर्ट मिली, जिससे कई विद्यार्थियों के सही परिणाम प्रदर्शित नहीं हो पाए। इन सभी आरोपों के मद्देनज़र, एनएसयूई ने उच्च न्यायालय से दो प्रमुख मांगें रखी हैं: पहला, एक स्वतंत्र जांच आयोग का गठन, जिसमें माननीय न्यायपालिका और शैक्षणिक विशेषज्ञ शामिल हों, ताकि OSM पोर्टल में हुई सभी त्रुटियों, उसकी तकनीकी प्रक्रियाओं और परिणामों के संशोधन का पूर्ण विश्लेषण किया जा सके। दूसरा, इस जांच के परिणामों को सार्वजनिक तौर पर प्रकाशित करवाना, ताकि सभी हितधारकों को सटीक जानकारी मिल सके और आगे के सुधारों की दिशा तय की जा सके। एनएसयूई ने यह भी जोड़ा कि यदि इस जांच में भ्रष्टाचार या अनुचित लाभ के संकेत मिले तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीबीएसई ने इस याचिका पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परन्तु बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने पहले ही सभी तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के उपाय कर दिए हैं और वे भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाएँगे। वहीं छात्र समुदाय और अभिभावकों ने इस याचिका को सराहा है, क्योंकि यह उनके अधिकारों की रक्षा और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मामले की सुनवाई निकट भविष्य में होने वाली है, और यह देखना बाकी है कि न्यायालय इस याचिका को किस हद तक समर्थन दे पाता है। समग्र रूप से, एनएसयूई द्वारा दायर की गई इस याचिका ने राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रणाली में विश्वासघात की घटनाओं को उजागर किया है और यह संकेत देती है कि छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक है। यदि उच्च न्यायालय इस मांग को स्वीकार करता है, तो यह न केवल ओएसएम पोर्टल की विश्वसनीयता को बहाल करेगा, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक अनियमितताओं को रोकने के लिए एक मजबूत तंत्र भी स्थापित करेगा। अंततः, इस कदम से शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा, जिससे छात्रों और अभिभावकों का भरोसा फिर से स्थापित हो सकेगा।

Stay connected with Kotputli News for latest updates.


📲 Share on WhatsApp
✍️ By Pradeep Yadav | 02 Jun 2026