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Breaking News: मुंबई के कलिना में एयर इंडिया कॉलोनी का विदाई विद्रोह: आखिरी रहवासी ने किया अलविदा
🕒 3 days ago

मुंबई के आगे बढ़ते शहरी परिदृश्य में कलिना क्षेत्र की एयर इंडिया कॉलोनी ने एक युग को समाप्त कर दिया है। दशकों से सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर एयर इंडिया के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षित आवास का प्रतीक रही यह कॉलोनी अब अपने कुछ मातहत द्वार बंद कर चुकी है। पिछले कुछ हफ्तों में ही इस कॉलोनी के अंतिम निवासियों ने यहाँ से अपना सामान बाँध कर विदाई ली, जिससे इस प्रादेशिक इतिहास का एक नया अध्याय लिखित हो गया। कलिना में स्थित इस बस्ते की स्थापना 1970 के दशक में हुई थी, जब भारतीय राष्ट्रीय विमानन को प्रायः सरकारी सहायता चाहिए थी और उनके कर्मियों को स्थायी आवास की आवश्यकता थी। तब से लेकर आज तक, लगभग पाँच सौ गृहस्थ यहाँ अपने घर-परिवार के साथ रहे, कई पीढ़ियों ने यहाँ क़दम रखा और अपनी जिंदगी की यादगार क्षणों को इस भूखण्ड पर संजोया। इस बस्ते में न केवल रहने की सुविधाएँ थीं, बल्कि बच्चों के लिए स्कूल, खेल के मैदान और स्वास्थ्य केंद्र जैसे सामाजिक सुविधाएँ भी उपलब्ध थीं। अतः यह कॉलोनी एक छोटे शहर की तरह विकसित हुई, जहाँ माहौल हमेशा ही गर्मजोशी और सहयोग से भरपूर रहा। हालांकि, समय के साथ शहर के विस्तार और रियल एस्टेट की बढ़ती महंगाई ने इस कॉलोनी की स्थिति को बदल दिया। मुंबई के उच्चतम विकासशील क्षेत्रों में नई इमारतें और व्यापार केंद्र उभर कर आए, और भूमि की कीमतें आसमान छूने लगीं। इसके अलावा, एयर इंडिया के कार्यकलापों में परिवर्तन और निजीकरण के कारण इस कंपनी की आवासीय योजना में भी बदलाव आया। परिणामस्वरूप, सरकार ने इस बस्ते को पुनर्विकास के लिये चरणबद्ध तरीके से खाली करने का निर्णय लिया। विभिन्न अवधि में निवासियों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की गई, परंतु कई परिवारों के लिये यह बदलाव कठिन और भावनात्मक रहा। आखिरकार, कलिनाई की इस ऐतिहासिक कॉलोनी की आखिरी इमारत से दो-तीन ट्रकों में सामान लादते हुए कई बुजुर्ग लोग, अपने बचपन की यादों को साथ ले गए। इस विदाई के दौर में बहुत से लोग सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट कर रहे थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह केवल एक आवासीय स्थल नहीं, बल्कि कई लोगों के दिलों में बसे एक विशेष स्थान की याद थी। इस परिवर्तन के बाद, इस भूमि पर नई निर्माण कार्यों का आरम्भ होने की संभावना है, जिससे इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में नया संचार स्थापित हो सकेगा, परन्तु इस बदलाव में इस बस्ते के निवासियों के विछोह की पीड़ा नहीं भुलाई जा सकती। समापन में कहा जा सकता है कि एयर इंडिया कॉलोनी का अंत केवल एक ईंट-कोट की विदाई नहीं, बल्कि एक सामाजिक बंधन की समाप्ति है। इस बस्ते ने भारतीय वायुसेवा के कर्मचारियों को एक सुरक्षित आवासीय वातावरण प्रदान किया था, जिसने उनके कार्य जीवन को स्थिरता दी। अब नई उन्नत संरचनाओं के निर्माण से इस स्थान को फिर से आर्थिक रूप से जीवंत बनाया जाएगा, लेकिन कलिना के इस हिस्से में बसती यादें और भावनात्मक जुड़ाव हमेशा के लिये स्मृतियों में सराबोर रहेंगे।

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✍️ By Pradeep Yadav | 31 May 2026